राम मंदिर चढ़ावा केस में SIT की 15 पन्नों की सीक्रेट रिपोर्ट, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर गहराया शक!

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले ने अब एक ऐसा कूटनीतिक और राजनीतिक मोड़ ले लिया है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है।
6 दिनों की मैराथन जांच के बाद एसआईटी (SIT) ने अपनी 15 पन्नों की शुरुआती गोपनीय रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। हालांकि इस रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से जो खुलासे हुए हैं, वे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर मचे बड़े हड़कंप की ओर इशारा कर रहे हैं।
इस रिपोर्ट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू यह है कि इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका को संदिग्ध माना गया है। आइए जानते हैं SIT की इस सीक्रेट रिपोर्ट के वो 4 बड़े खुलासे, जिन्होंने मंदिर प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया है।
1. बिना लिखित आदेश के हो रही थीं नियुक्तियां, ‘बैकडोर एंट्री’ का खुलासा
SIT की प्राथमिक जांच में मंदिर के आंतरिक प्रबंधन और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं:
- लापरवाह सिस्टम: रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं पाई गईं।
- नो बैकग्राउंड चेक: कई ऐसे कर्मचारी काम करते मिले, जिनके पास न तो कोई लिखित नियुक्ति आदेश था और न ही नौकरी पर रखने से पहले उनकी पृष्ठभूमि (Background Verify) की जांच की गई थी।
- निगरानी में चूक: चढ़ावे की गिनती और उसकी सुरक्षा करने वाली प्रणाली पूरी तरह फेल साबित हुई।
2. श्रद्धालु बढ़े पर चढ़ावा घटा! बैंक स्टेटमेंट ने खोली पोल
जांच एजेंसी ने जब मंदिर के बैंक स्टेटमेंट और रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान किया, तो एक अजीबोगरीब विसंगति सामने आई।
- असामान्य उतार-चढ़ाव: कई तारीखों में भक्तों की संख्या में भारी रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, लेकिन उस अनुपात में बैंक खातों में चढ़ावे की रकम बेहद कम दिखाई गई।
- सिक्कों का अजीब तर्क: पूछताछ में मंदिर प्रबंधन ने तर्क दिया कि उस दौरान नोटों के बजाय सिक्कों का चढ़ावा ज्यादा था, लेकिन SIT इस गोलमोल जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। इसके अलावा, पिछले 5 वर्षों में कुछ खास कर्मचारियों की संपत्ति में रॉकेट की रफ्तार से हुई बढ़ोतरी ने शक को और गहरा कर दिया है।
3. गायब हुईं 200 किलो चांदी की ईंटें? रिकॉर्ड ही नहीं!
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वास्तव में कितना दान गायब हुआ। वजह यह है कि मंदिर में हर श्रद्धालु के चढ़ावे का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड (Donation Ledger) उपलब्ध ही नहीं है।
विपक्ष के गंभीर आरोप: आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि एक महिला श्रद्धालु से चांदी की प्रतिमा जमा कराई गई, लेकिन उसे न तो रसीद मिली और न ही उस प्रतिमा का कोई अता-पता है। वहीं, पूर्व में चर्चा में रहा 200 किलो चांदी की ईंटों के गायब होने का मामला भी इस रिपोर्ट के बाद दोबारा गरमा गया है।
4. अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, VHP ने की फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
इस कूटनीतिक गड़बड़ी ने अब यूपी की राजनीति में भूचाल ला दिया है:
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात बताते हुए योगी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वित्तीय गड़बड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की भावना का मामला है।
- दूसरी तरफ, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी अब कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने, तेज जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है।
निष्कर्ष: क्या कार्रवाई की जद में आएंगे चंपत राय?
SIT अब इस जांच के दूसरे चरण (Phase 2) की शुरुआत करने जा रही है, ताकि दस्तावेजी सबूतों को और पुख्ता किया जा सके। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चंपत राय और ट्रस्ट के अन्य रसूखदार पदाधिकारी खुद को पाक-साफ साबित कर पाएंगे, या फिर आने वाले दिनों में अयोध्या से कोई बहुत बड़ी कूटनीतिक और कानूनी कार्रवाई की खबर सामने आएगी? पूरा देश इस सच का इंतजार कर रहा है।



