International Yoga Day 2026: लखनऊ की देववन नक्षत्र वाटिका में मना योग दिवस; ‘ट्री मैन’ मुकेशानंद और सैकड़ों नागरिकों ने किया योगाभ्यास

लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित ‘देववन नक्षत्र वाटिका’ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के अवसर पर एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देववन जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों, पर्यावरणविदों और योग प्रेमियों ने हिस्सा लिया।

प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण से भरपूर इस वाटिका में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग के जरिए शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना रहा।

इस भव्य योग सत्र का नेतृत्व देववन नक्षत्र वाटिका के संस्थापक और देववन जनकल्याण समिति के अध्यक्ष श्री के. के. जनार्दन नांबियार ने किया। अपने संबोधन में नांबियार ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:

“योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है, जिसने आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, अनुशासित और सार्थक बनाने वाली एक संपूर्ण पद्धति है।”

योग सत्र का संचालन समिति की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीती श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि मुख्य योग प्रोटोकॉल का प्रदर्शन संजय सिंह द्वारा कराया गया।

  • प्राकृतिक परिवेश का लाभ: हरे-भरे औषधीय पौधों और शांत वातावरण के बीच प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की वैज्ञानिक विधियों का अभ्यास किया।
  • युवाओं को संदेश: डॉ. प्रीती श्रीवास्तव ने बढ़ते मानसिक तनाव और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के समाधान के लिए योग को अचूक उपाय बताया और युवाओं को इसे दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी।

इस अवसर पर योग और पर्यावरण संरक्षण के अंतर्संबंधों पर भी विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रख्यात पर्यावरणविद् और “ट्री मैन” मुकेशानंद शामिल हुए। उनके अलावा निम्नलिखित पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे:

  • समिति के मुख्य पदाधिकारी: महासचिव विशाल ओझा, उपाध्यक्ष सुश्री प्रज्ञा पंवार और संयुक्त सचिव श्री प्रमोद शर्मा।
  • अन्य गणमान्य सदस्य: डॉ. आर. पी. सिंह, पंकज श्रीवास्तव, टी. पी. वर्मा, श्री तेज कुमार मिश्रा, सुश्री श्रीकांता, सुश्री स्वप्नना दास, सुश्री सुनीता सिंह, डॉ. अमित अस्थाना और सुश्री रागिनी श्रीवास्तव।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने न केवल नियमित योगाभ्यास करने का संकल्प लिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाने की भी सामूहिक शपथ ली। वक्ताओं ने एकजुट होकर कहा कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण का संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।

Related Articles

Back to top button