Saturday - 26 September 2020 - 2:12 PM

क्या धोनी शानदार विदाई के हकदार नहीं है

सैय्यद मोहम्मद अब्बास

 

चढ़ते सूरज को हर कोई सलाम करता है। ये सुनने में भले ही थोड़ा अटपटा लगे लेकिन ये सच है। क्रिकेट में यह कथन एकदम सटीक बैठता है। भारतीय क्रिकेट के अतीत पर गौर करे तो कई बड़े उदाहरण देखने को मिल चुके हैं।

90 के दशक में सचिन बनाम अजहर के बीच में कप्तानी को लेकर खींचातानी देखने को मिल चुकी है। इतना ही नहीं अजहर का करियर जब अपने अंतिम दौर में पहुंचा तो उनको कप्तानी से बेदखल कर दिया गया था। रोचक बात यह है कि अजहर उस दौर में भारतीय क्रिकेट के सबसे कामयाब कप्तान थे।

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इसके बाद राहुल द्रविड़ और सौरभ गांगुली के बीच में कप्तानी को लेकर कड़ा संघर्ष देखने को मिला था। दरअसल उस समय दादा का बल्ला चल नहीं रहा था और साथ में उनकी फिटनेस भी उनका साथ छोड़ चुकी थी। इस वजह से चैपल ने सौरभ गांगुली से किनारा कर राहुल द्रविड़ पर भरोसा जताना शुरू किया। ये वो दौर था जब टीम इंडिया दो फाड़ में नजर आ रही थी।

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इतना ही नहीं उस समय सौरभ गांगुली ने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदल दी थी लेकिन उनको भी जल्दीबाजी में संन्यास लेने पर मजबूर किया गया था। अब इतिहास फिर दोहराता नजर आ रहा है। दरअसल विराट कोहली-महेंद्र सिंह धोनी के बीच दूरियां लगातार बढ़ रही है।

विराट ने जिसके अंडर में कप्तानी की एबीसीडी सीखी हो आज उसी धोनी को टीम से बेदखल कर दिया गया है। आलम तो यह है बीसीसीआई भी धोनी की वापसी चाहता ही नहीं है। तभी तो उन्हें अब कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से हटा दिया है।

इस वजह से अब कयास लगाया जा रहा है उनका क्रिकेट करियर खत्म हो चुका है। ऐसे में किसी भी वक्त धोनी संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर रखने का मतलब ही बीसीसीआई धोनी को कड़े संदेश देना चाहता है लेकिन क्या धोनी शानदार विदाई के हकदार भी नहीं है।

हालांकि बीसीसीआई अब माही को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दे रहा है। अनुबंध लिस्ट से बाहर होने के बावजूद उनकी वापसी संभव है लेकिन वो तब जब धोनी चयन के लिए उपलब्ध रहे तभी उनकी वापसी को लेकर विचार किया जा सकता है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि धोनी को टी-20 विश्व कप में होना चाहिए ताकि उनका अनुभव विराट के काम आ सके।

बात अगर टीम इंडिया की जाये तो इस टीम में अब भी माही की जगह बनती नजर आ रही है। मौजूदा दौर की टीम इंडिया में अब भी धोनी का विकल्प नजर नहीं आ रहा है। उनकी जगह में टीम में शामिल ऋषभ पंत बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों में फिसड्डी नजर आ रहे हैं लेकिन पंत अब भी विराट कोहली और बीसीसीआई के आंख का तारा बने हुए है। धोनी छोडि़ए उनकी वजह से संजू सैमसन का करियर भी खतरे में है।

संजू ने 2019 आईपीएल में एक शतक की बदौलत 342 रन बनाये हैं लेकिन उनको केवल एक मौका देकर टीम से आउट कर दिया गया है। पूर्व विकेट कीपर बल्लेबाज सैय्यद किरमानी ने भी हाल में जुबिली पोस्ट से खास बातचीत में कहा था कि पंत को घरेलू क्रिकेट का रूख करना चाहिए।

उनकी नजर में धोनी अब भी भारत के लिए खेल सकतेे हैं। ऋषभ पंत ने अब तक 16 वन डे मुकाबले में 26.71 की औसत से केवल 374 रन बनाये हैं। उनका खराब रिकॉर्ड उनको टीम से बाहर नहीं कर पा रहा है। इतना ही नहीं उनकी विकेटकीपिंग भी बेहद खराब है। इसके साथ विकेट के पीछे दौडऩे में उनकी रफ्तार जवाब देती नजर आती है।

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दूसरी ओर माही के रिकॉर्ड पर नजर डाले तो उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए 50 ओवर विश्व कप, टी-20 विश्व और चैम्पियंस ट्रॉफी में टीम को जीत दिलाई है। कप्तानी के मामले में उन्होंने 60 टेस्ट, 200 वन डे और 72 टी-20 में देश के लिए कप्तानी की है। इतना ही नहीं उनकी कप्तानी में भारत ने 27 टेस्ट,110 वन डे, 41 टी-20 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। ओवरऑल धोनी ने 350 वन डे मुकाबले में 50.58 की औसत 10773 रन बनाये हैं। इस दौरान उन्होंने दस शतक भी लगाये हैं। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों के जहन में ये बात कौंध रही है कि आखिर क्यों धोनी टीम इंडिया से बाहर है। अगर संन्यास लेने भी धोनी चाहते है तो क्या उन्हें बीसीसीआई एक शानदार विदाई नहीं देना चाहता है।

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