RSS on Ram Mandir: राम मंदिर चंदा चोरी पर आया RSS का पहला बयान; दत्तात्रेय होसबोले बोले-‘दोषियों को मिले कठोर दंड, कमियां दूर करे ट्रस्ट’

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण एंट्री हुई है। इस महाविवाद पर देश के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार आधिकारिक और बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबोले ने ढाई मिनट का एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर राम भक्तों से बड़ी अपील की है और मंदिर प्रबंधन को खरी-खरी सुनाई है। आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले ने वीडियो संदेश में राम मंदिर की पवित्रता और करोड़ों लोगों की आस्था का जिक्र करते हुए कहा
- “राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिंदू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केंद्र बना है। अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और राम भक्तों की भावना एवं श्रद्धा को आघात पहुंचा है तथा इस घटना से हम सभी आहत हैं।”
“असाधारण है यह घटना, व्यवस्था की कमियों को तुरंत दूर करे न्यास”
दत्तात्रेय होसबोले ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास (Trust) को साफ शब्दों में नसीहत और चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से यह स्वाभाविक अपेक्षा है कि:
- कमियों को दूर करे ट्रस्ट: इस घोर निंदनीय घटना को साधारण न मानकर इसे ‘असाधारण’ समझा जाए। मंदिर व्यवस्था और संचालन की सभी कमियों को दूर करने के लिए तुरंत परिणामकारक कदम उठाए जाएं।
- भ्रम की स्थिति हो समाप्त: वर्तमान में चंदा चोरी को लेकर जो भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है, उसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।
होसबोले ने भरोसा जताया कि मंदिर प्रबंधन और शासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) आवश्यक पहल करेंगे ताकि एक पारदर्शी, निर्दोष और पवित्र धार्मिक वातावरण के जरिए हिंदू समाज का विश्वास सुदृढ़ बना रहे।
रामभक्तों से संयम की अपील: “हिंदू विरोधी शक्तियों के षड्यंत्र को करें विफल”
बयान के अंत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देश और दुनिया के समस्त हिंदू समाज और रामभक्तों से एक बेहद महत्वपूर्ण आह्वान किया है:
“इस कठिन और संवेदनशील क्षण में सभी रामभक्त आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का अनुचित लाभ उठाकर जो हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी शक्तियां हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने की साजिशें रच रही हैं, उनके षड्यंत्रों को एकजुट होकर विफल करें।”
आरएसएस के इस आधिकारिक बयान के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट पर आंतरिक व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी और अभेद्य बनाने का भारी दबाव आ गया है।

