क्या बाजार में बिक रहे हैं नकली अंडे? सोशल मीडिया के दावों की क्या है सच्चाई, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बार फिर दावा किया जा रहा है कि बाजार में बड़े पैमाने पर ‘नकली अंडे’ बेचे जा रहे हैं। कई पोस्ट और वीडियो में लोगों को सस्ते अंडे खरीदने से बचने की सलाह दी जा रही है। कुछ पोस्ट में तो यहां तक दावा किया जा रहा है कि ऐसे अंडे खाने से गंभीर बीमारी या मौत तक हो सकती है।
हालांकि, खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन दावों की पुष्टि करने वाले विश्वसनीय वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। अब तक भारत की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था या किसी सरकारी एजेंसी ने यह नहीं कहा है कि बाजार में बड़े पैमाने पर नकली अंडों की बिक्री हो रही है।
क्यों वायरल होते हैं ऐसे दावे?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर अक्सर ‘प्लास्टिक के अंडे’ या ‘नकली अंडे’ जैसे वीडियो वायरल होते रहते हैं। इनमें अंडे की जर्दी का असामान्य दिखना, उबालने के बाद उसका अलग रूप लेना या अन्य घरेलू परीक्षणों को नकली होने का सबूत बताया जाता है। लेकिन अधिकांश मामलों में ये दावे वैज्ञानिक जांच में सही साबित नहीं हुए हैं।
सस्ते अंडे खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- हमेशा विश्वसनीय दुकान या विक्रेता से अंडे खरीदें।
- अंडे का छिलका टूटा या बदबूदार हो तो उसे न खरीदें।
- खरीदते समय पैकिंग, तारीख और भंडारण की स्थिति पर ध्यान दें।
- यदि अंडे की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो उसका सेवन न करें।
अफवाहों से रहें सावधान
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पुष्टि के वायरल हो रहे वीडियो या संदेशों पर भरोसा करने से बचना चाहिए। किसी भी खाद्य उत्पाद को लेकर संदेह होने पर स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग या संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल बाजार में बड़े पैमाने पर ‘नकली अंडे’ बिकने और उन्हें खाने से मौत होने के दावों की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों के बजाय विश्वसनीय जानकारी पर भरोसा करें और केवल अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद ही खरीदें।



