अमिताभ ठाकुर हाउस अरेस्ट, पुलिस ने कहा- केवल गोरखपुर…

जुबिली न्यूज डेस्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विधानसभा चुनाव लडऩे का ऐलान करने वाले चर्चित रिटायर आईपीएस अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी की जानकारी ठाकुर ने खुद ट्वीट के जारिए दी। फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी गिरफ्तारी क्यों हुई है। वहीं पुलिस ने कहा है कि गिरफ्तारी नहीं की गई। उन्हें केवल गोरखपुर जाने से रोका गया है।

शनिवार को सुबह अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्हें गोरखपुर जाने से रोका गया है। पुलिस घेरे में रखा गया है। उनकी पुलिस से बातचीत चल रही है।

वहीं पुलिस का कहना है कि उन पर रेप आरोपी का साथ देने का आरोप है। आरोपों की जांच चल रही है। कमेटी ने गंभीर आरोप की जांच के लिए इन्हें तलब किया है। अमिताभ ठाकुर को कमेटी के सामने पेश होना है।

पुलिस का कहना है कि इससे पहले भी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ से बाहर जाने से रोका गया था। खासकर उस रीजन में जो आरोपी, पीडि़ता या घटनास्थल से जुड़ा हुआ हो। बावजूद इसके इन्होंने प्रतिबंध का उलंघन किया।

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मालूम हो कि पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने एक हफ्ते पहले सीएम योगी के खिलाफ यूपी विधानसभा 2022 चुनाव लडऩे का ऐलान किया था। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनावी जनसंपर्क के लिए गोरखपुर जा रहे थे। इस बीच उन्हें एसीपी गोमतीनगर ने आकर रोक लिया।

अमिताभ ठाकुर आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर थे। अमिताभ को जबरन रिटायर किया गया था। ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस के साथ-साथ कवि व लेखक भी हैंं।

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ठाकुर का विवादों से पुराना नाता रहा है। कई बार सत्ता में बैठे लोगों को अमिताभ से परेशानी हुई। अखिलेश सरकार में मुलायम सिंह से विवाद का ऑडियो वायरल होने के बाद वह निलंबित कर दिए गए थे।

इसके बाद अमिताभ ठाकुर ने अखिलेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अमिताभ के खिलाफ पांच विभागीय कार्रवाई भी हुई थी। उनके खिलाफ आरोप था कि 16 नवम्बर 1993 को आईपीएस की सेवा प्रारंभ करते समय अपनी संपत्ति का ब्योरा शासन को नहीं दिया था। इसके साथ ही उन्होंने 1993 से 1999 तक का वर्षवार संपत्ति विवरण शासन को एकमुश्त दिया।

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