ट्रंप के बेहद करीबी नेता ने दुनिया को कहा अलविदा, मौत की खबर सुन लाइव टीवी पर मुस्कुराया ईरानी एंकर

जुबिली स्पेशल डेस्क
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी राजनीति के दिग्गज नेता, रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) का शनिवार, 11 जुलाई 2026 की शाम अचानक आई बीमारी के चलते निधन हो गया।
वह 71 वर्ष के थे। उनके कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद खबर की पुष्टि की है। ग्राहम लंबे समय तक साउथ कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रहे और अमेरिकी विदेश नीति में एक बेहद प्रभावशाली चेहरा माने जाते थे।
जहां एक तरफ इस खबर से वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के चिर-प्रतिद्वंद्वी देश ईरान में उनकी मौत पर खुलेआम जश्न मनाया जा रहा है।
लाइव टीवी पर मुस्कुराया ईरानी एंकर, बोला- ‘खबर इतनी अच्छी है कि दोबारा पढूँगा’
लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन (State TV) पर एक बेहद हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान एक ईरानी न्यूज एंकर ने सीनेटर ग्राहम की अचानक मौत की खबर पढ़ते हुए ऑन-एयर मुस्कुराना शुरू कर दिया।
एंकर की संवेदनहीनता यहीं नहीं रुकी, उसने लाइव टीवी पर यहाँ तक कह दिया कि “यह खबर इतनी अच्छी थी कि वह इस हिस्से को दोबारा पढ़ना चाहता है।” सोशल मीडिया पर इस वाकये का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो तेहरान के कट्टरपंथी राजनीतिक खेमे की रिपब्लिकन सीनेटर के प्रति गहरी नफरत और दुश्मनी को साफ बयां करता है।
ईरान के ‘जानी दुश्मन’ क्यों माने जाते थे लिंडसे ग्राहम?
ईरानी मीडिया की इस प्रतिक्रिया के पीछे सीनेटर ग्राहम का वह कड़ा राजनीतिक रुख है, जिसने दशकों तक मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान की रातों की नींद उड़ा रखी थी।
- सख्त सैन्य रणनीति के रणनीतिकार: ग्राहम ने अमेरिकी सीनेट में रहते हुए ईरान को टारगेट करने वाली कई आक्रामक मिलिट्री स्ट्रैटजी (सैन्य रणनीतियों) को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी।
- कड़े आर्थिक प्रतिबंध: ईरान पर कड़े आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों का ढांचा तैयार करने में उनका बड़ा योगदान था।
- इजरायल के मुखर समर्थक: लिंडसे ग्राहम इजरायल के सबसे मजबूत और मुखर समर्थकों में से एक थे। वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल की आक्रामक नीतियों का खुलकर बचाव करते थे और अमेरिकी प्रशासन से ईरान के खिलाफ लगातार सख्त से सख्त सैन्य कार्रवाई की मांग करते रहते थे।
हाल ही में अपने निधन से ठीक पहले सीनेटर ग्राहम ने यूक्रेन की भी एक महत्वपूर्ण यात्रा की थी। उनके अचानक चले जाने से रिपब्लिकन पार्टी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना एक सबसे भरोसेमंद और आक्रामक रणनीतिकार खो दिया है।



