रामगढ़ताल की सफलता ने बढ़ाई उम्मीदें, अब लखनऊ में भी रोइंग को नए सिरे से खड़ा करने का संकल्प

लखनऊ । उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के तत्वावधान में अवध जिमखाना क्लब, लखनऊ में रविवार को ‘उत्तर प्रदेश में रोइंग के उत्थान और भविष्य की राह’ विषय पर एक विशेष परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया। परिचर्चा सत्र के वक्ताओं में शामिल राष्ट्रीय खिलाड़ी व यूपी रोइंग एसोसिएशन के तकनीकी सचिव एसएम भट्ट और राष्ट्रीय खिलाड़ी व एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अजय भदौरिया ने अपने संबोधन में प्रदेश में रोइंग के वर्तमान और भविष्य पर बेबाकी से बात की।

वक्ताओं ने कहा कि गोरखपुर के रामगढ़ताल में पिछले कुछ समय में हुए लगातार बड़े और विश्वस्तरीय आयोजनों ने देश में यूपी का मान बढ़ाया है। रामगढ़ताल के अद्भुत प्राकृतिक वाटर ट्रैक और वहां की बेहतरीन सुविधाओं ने यह साबित कर दिया है कि अब यूपी रोइंग की अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप की भी मेजबानी करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। वक्ताओं ने लखनऊ में खेल की स्थिति पर बेबाकी से बात करते हुए कहा कि लखनऊ का अतीत रोइंग के लिहाज से बेहद गौरवशाली रहा है और यह शहर अतीत में कई बड़े राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी कर चुका है।

हालांकि यह भी हकीकत है कि वर्तमान में लखनऊ में रोइंग के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। अगर लखनऊ में बुनियादी ढांचे को नए सिरे से पुनर्जीवित करने के सार्थक प्रयास किए जाएं, तो यूपी में रोइंग के अभ्यास के लिए दो मजबूत सेंटर (गोरखपुर और लखनऊ) तैयार हो जाएंगे, जिससे हमारे खिलाड़ियों को बड़ा फायदा होगा।

विशेष परिचर्चा सत्र के मुख्य अतिथि एमएलसी पवन सिंह चौहान (संरक्षक, उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन) ने अपने संबोधन में कहा कि गोरखपुर ने रोइंग के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है, उसे अब पूरे प्रदेश में विस्तार देना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि लखनऊ में रोइंग को दोबारा खड़ा करने के लिए वे शासन स्तर पर हर संभव प्रयास करेंगे।

इस परिचर्चा सत्र की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डा.सैयद रफत जुबैर रिजवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोइंग खेल का ग्राफ अब तेजी से बदल रहा है और खिलाड़ियों में नया जोश है। ऐसे समय में यह बेहद ज़रूरी है कि कि हम लखनऊ के पुराने सेंटर की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान तलाशें। इसके लिए उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

इस अवसर पर खेलकूद एवं सामाजिक कार्यों में विशिष्ट योगदान को देखते हुए उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन में लखनऊ के प्रतिष्ठित उद्यमी व समाजसेवी विश्वास स्वरूप अग्रवाल को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। वहीं गोरखपुर के समाजसेवी जय यदुवंशी को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई जबकि लखनऊ के खेल प्रेमी मनोज बाजपेयी को वाइस चेयरमैन मनोनीत किया गया। इससे पूर्व परिचर्चा सत्र में पधारे अतिथिगण का भव्य स्वागत उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा किया गया।

अंत में सचिव सुधीर शर्मा ने नई नियुक्तियों पर खुशी जताते हुए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर रोइंग का मुख्य हब बन चुका है। हालांकि अगर लखनऊ में भी किसी वैकल्पिक स्थान पर बुनियादी ढांचे के साथ रोइंग का नया सेंटर शुरू होता है, तो हमारे खिलाड़ियों के पास अभ्यास के लिए दो बेहतरीन विकल्प होंगे, जो यूपी रोइंग को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई ऊंचाई देगा। 

इस अवसर पर खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने अपने प्रेषित संदेश में कहा कि लखनऊ में रोइंग दोबारा शुरू करने के लिए एसोसिएशन यदि कोई ठोस प्रस्ताव लाता है, तो नियमों के तहत उस पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।

आज परिचर्चा सत्र में उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हीरालाल यादव, कंप्टीशन कमीशन के चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, अंपायर कमीशन के चेयरमैन राकेश शुक्ला, संयुक्त सचिव संदीप अरोरा, विधिक समिति के चेयरमैन पारितोष शर्मा, संघ प्रचारक संतेंद्र त्रिपाठी, अलकेश सोती, सोमेश यादव भी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button