Saturday - 23 January 2021 - 10:54 PM

मुंबई के शेयर बाजार में क्यों पहुंचे यूपी के CM योगी

जुबिली न्यूज़ डेस्क

मुंबई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मुंबई में हैं। दरअसल BSE में लखनऊ नगर निगम की म्युनिसिपल बॉन्ड की लिस्टिंग हुई है। इस मौके को खास बनाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वहां पहुंचे थे। उत्तर भारत के किसी नगर निगम द्वारा पहली बार किए गए इस प्रयास को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नए युग की शुरूआत बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का राज्य उत्तर प्रदेश अपने नागरिकों के जीवन स्तर में विकास, हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सतत काम कर रहा है।

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‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की राष्ट्रीय स्तर की हालिया रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्ष के प्रदर्शन से आगे निकलते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। ये रैंकिंग निवेशकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के विश्वास का ही प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने की धुरी बनेगा। बुधवार को बीएसई के हेरिटेज हॉल में आयोजित रिंगिंग बेल सेरेमनी में मुख्यमंत्री ने परंपरानुसार बेल बजाकर लखनऊ नगर निगम का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी किया।

मुख्यमंत्री योगी ने इस मौके पर कहा कि कोरोना के इस कालखंड में, लखनऊ नगर निगम 200 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड की लिस्टिंग के साथ आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

निगम का यह प्रयास न केवल लखनऊ वासियों को बेहतर अवस्थापना सुविधाएं देने के लिए वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाला होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य नगर निगमों को भी इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

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तमाम उद्यमियों, निवेशकों, बीएसई के अधिकारियों व अनेक गणमान्य जनों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ के बाद अब अतिशीघ्र गाजियाबाद नगर निगम भी बीएसई में अपने म्युनिसिपल बांड की लिस्टिंग कराएगा।

योगी ने कहा कि निवेशकों की रुचि के कारण ही यह बांड ओवर सब्सक्राइब हुआ। साढ़े चार गुना अधिक ओवर सब्सक्रिप्शन मिलना, शानदार है। यह हमें और बेहतर करने को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगमों की कार्यपद्धति में आमूल चूल परिवर्तन के लिए आज का कार्यक्रम महत्वपूर्ण है।

लखनऊ नगर निगम का यह म्युनिसिपल बांड, न केवल यूपी में नगर निगमों की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार का प्रतीक है, बल्कि जनता के प्रति नगरीय निकायों की प्रतिबद्धता का परिचायक भी है। बांड के माध्यम से निकायों में प्रशासनिक और वित्तीय सुधार सम्भव हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यूपी की एमएसएमई इकाइयों को एनएसई और बीएसई में लिस्टिंग के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। अब तक 15 इकाइयों ने बीएसई में लिस्टिंग कर अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कदम उठाया है।

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सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियां निवेशोंमुखी हैं। हम निवेशकों की सरलता और सुगमता के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से हाल के समय में उत्तर प्रदेश में निवेशकों की जरूरतों और अपेक्षाओं का यथोचित समाधान हो रहा है।

योगी ने बताया कि यूपी इन्वेस्टर समिट में उद्योग जगत की ओर से यूपी को आशातीत सहयोग मिला। यह प्रयास सतत जारी रहेगा। अब यूपी में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना हो रही है, जो देश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

इस मौके पर लखनऊ नगर निगम की मेयर संयुक्ता भाटिया, उप्र सरकार के मंत्री सतीश महाना, सिद्धार्थ नाथ सिंह, आशुतोष टंडन, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी नवनीत सहगल, अवनीश अवस्थी, संजय प्रसाद, मुत्थु स्वामी, नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने बीएसई की 25 वी मंजिल से विहंगम मुम्बई का नजारा और जीवंत ट्रेडिंग को भी देखा। शेयर मार्केट के इतिहास को भी जाना। बीएसई के प्रतीक बुल के साथ फोटो भी खिंचवाई।

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बॉन्ड से जुटाए 200 करोड़

लखनऊ नगर निगम ने प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम 200 करोड़ रुपये जुटाए। लखनऊ नगर निगम को 21 बोलियां प्राप्त हुई थीं और ये 4.5 गुना सब्सक्राइब हुआ।

इश्यु के खुलते ही नगर निगम को 200 करोड़ रुपये के इश्यू साइज के लिए बोलियां मिली। इसे 13 नवंबर 2020 को खोला गया था। राज्य सरकार ने लखनऊ समेत 8 शहरों में अमृत (AMRUT) और स्मार्ट सिटी मिशन जैसी योजनाओं में इस्तेमाल के लिए जुटाएं हैं।

इतना मिलेगा ब्याज

इसमें निवेशकों को सालाना 8.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। उधार लेने की वास्तविक कीमत लगभग 7.25 प्रतिशत होगी। इसमें भारत सरकार द्वारा प्राप्त म्यूनिसिपल बॉन्ड के लिए 26 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि शामिल है। ये बॉन्ड टैक्सेबल हैं। इन बॉन्ड की परिपक्वता अवधि 10 साल है।

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