Jubilee Post | जुबिली पोस्ट https://www.jubileepost.in News & Information Portal Mon, 21 Jun 2021 15:38:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=5.7.2 PM मोदी ने क्यों कहा-Well done India! https://www.jubileepost.in/why-pm-modi-said-well-done-india/ Mon, 21 Jun 2021 15:38:45 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225865 जुबिली स्पेशल डेस्क नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कमजोर पड़ती नजर आ रही है। कोरोना को काबू करने के लिए कई राज्यों में लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा। हालांकि अब पूरी तरह से स्थिति नियंत्रण में है। सरकार का अब पूरा ध्यान वैक्सीनेशन अभियान पर है। इसी के तहत सोमवार को …]]>

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कमजोर पड़ती नजर आ रही है। कोरोना को काबू करने के लिए कई राज्यों में लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा। हालांकि अब पूरी तरह से स्थिति नियंत्रण में है।

सरकार का अब पूरा ध्यान वैक्सीनेशन अभियान पर है। इसी के तहत सोमवार को वैक्सीनेशन अभियान ने काफी अच्छी गति पकड़ी। इसके साथ ही वैक्सीनेशन अभियान के पहले दिन टीका लगाने का रिकॉर्ड बना डाला है।

सरकार से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना वैक्सीन की 81 लाख डोज लगाई जा चुकी हैं। टीकाकरण का रिकॉर्ड बनने पर प्रधानमंत्री मोदी ने खुशी जताते हुए वेलडन इंडिया कहा है। सरकार ने बताया कि शाम सात बजे तक कोविन ऐप के अनुसार,80, 96, 417 वैक्सीन लग चुकी हैं।


पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा कि आज की रिकॉर्ड तोड़ टीकाकरण संख्या खुश करने वाली है. कोविड-19 से लड़ने के लिए वैक्सीन हमारा सबसे मजबूत हथियार बनी हुई है. उन सभी को बधाई, जिन्होंने टीका लगवाया और सभी फ्रंटलाइन वॉरियर्स को भी बधाई जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि इतने सारे नागरिकों को टीका मिल सके. वेलडन इंडिया”. वहीं, पीएम मोदी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि यहां से आगे और ऊपर, वेलडन इंडिया।

वैक्सीनेशन अभियान ने इसलिए पकड़ी रफ्तार

बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना टीकाकरण को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए संशोधित गाइडलाइन को सोमवार से लागू किया है। इसके तहत अब केंद्र सरकार द्वारा मुफ्त में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आबादी, बीमारी के प्रसार के स्तर और टीकाकरण की प्रगति आदि मानदंडो के आधार पर आवंटित की जाएगी। भारत सरकार देश में स्थित वैक्सीन प्रोडक्शन करने वाली कंपनियों से कोविड रोधी टीकों की 75 प्रतिशत खरीद करेगी।

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WTC Final IND vs NZ : चौथे दिन बिना कोई गेंद फेंके ही खेल रद्द https://www.jubileepost.in/india-vs-newzealand-southampton-day-3/ Mon, 21 Jun 2021 15:03:31 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225725 खास बातें खराब रोशनी के कारण जल्दी खत्म हुआ तीसरे दिन का खेल न्यूजीलैंड का स्कोर 101/2 टीम इंडिया की पहली पारी 217 रनों पर सिमट गई है कोई भी भारतीय बल्लेबाज 50 का स्कोर नहीं कर पाया उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने 49 रनों की पारी खेली  कप्तान कोहली ने 44 रन बनाए कीवी टीम …]]>

खास बातें

  • खराब रोशनी के कारण जल्दी खत्म हुआ तीसरे दिन का खेल
  • न्यूजीलैंड का स्कोर 101/2
  • टीम इंडिया की पहली पारी 217 रनों पर सिमट गई है
  • कोई भी भारतीय बल्लेबाज 50 का स्कोर नहीं कर पाया
  • उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने 49 रनों की पारी खेली 
  • कप्तान कोहली ने 44 रन बनाए
  • कीवी टीम की ओर से काइल जेमिसन ने 5 विकेट लिए
  • बोल्ट और वेगनर ने 2-2 और साउदी ने 1 विकेट लिया

जुबिली स्पेशल डेस्क

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों ने निराश किया है। टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए कहा था ।

इसका नतीजा यह रहा कि कीवियों के गेंदबाजी अटैक के सामने भारतीय पारी केवल 217 रन पर सिमट गई है। भारत की तरफ से अजिंक्य रहाणे ने सबसे ज्यादा 49 रन का योगदान दिया जबकि न्यूजीलैंड की ओर से काइल जेमिसन ने घातक गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी।

जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ने स्टंप्स तक दो विकेट पर 101 रन बनाकर अपनी स्थिति को मजबूत कर ली है । न्यूजीलैंड की टीम भारत से 116 रन पीछे है।

स्टम्प्स के समय केन विलियमसन 12 रनों पर खेल रहे हैं। वहीं रॉस टेलर ने अभी खाता नहीं खोला है। न्यूजीलैंड के लिए ड्वेन कॉन्वे ने 54 और टॉम लाथम ने 30 रनों  का योगदान दिया।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच का पहला दिन बारिश में धुल गया था। दूसरे दिन 64.4 ओवर का मैच हो सका।  विराट कोहली ने 44 रन की पारी खेली जबकि पंत केवल चार रन ही बना सके।

जडेजा ने 15 आर अश्विन 22 रन का योगदान दिया। दूसरे सेशन की शुरुआत के कुछ देर बाद ही भारत ने इशांत और बुमराह के रूप में दो लगातार गेंदों पर विकेट गंवाए और ये दोनों ही विकेट जैमिसन के खाते गए।

बुमराह को आउट करने के साथ ही जैमिसन ने अपना पांचवां विकेट लिया। इस समय जैमिसन हैट्रिक पर थे, लेकिन इस गेंद पर मोहम्मद शमी ने चौका जड़कर उन्हें हैट्रिक से रोक दिया।

इससे पूर्व  कप्तान विराट कोहली की नाबाद 40 रन की शानदार पारी और उनकी उपकप्तान अजिंक्या रहाणे (नाबाद 22) के साथ चौथे विकेट के लिए 111 गेंदों में 46 रन की साझेदारी के बद पर भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में दूसरे दिन शनिवार को तीसरे सत्र में खराब रौशनी के चलते खेल रूके जाने तक तीन विकेट पर 143 रन बनाकर कुछ हदतक अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी।

अजिंक्य रहाणे 29 और कप्तान विराट कोहली 44 रन बनाकर खेल रहे  थे। दोनों के बीच 58 रन की पार्टनरशिप हो चुकी है।

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ममता के सलाहकार बंद्योपाध्याय पर एक्शन लेने की तैयारी में केंद्र सरकार https://www.jubileepost.in/central-government-preparing-to-take-action-on-mamtas-advisor-bandyopadhyay/ Mon, 21 Jun 2021 14:55:31 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225859 मुख्य सचिव के पद से इस्तीफा देकर ममता बनर्जी के सलाहकार बने अलापन के खिलाफ ऑल इंडिया सर्विसेज के रूल्स के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी… जुबिली स्पेशल डेस्क नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान में सीएम ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलापान बंदोपाध्याय एक बार फिर सुर्खियों में है। जानकारी …]]>

मुख्य सचिव के पद से इस्तीफा देकर ममता बनर्जी के सलाहकार बने अलापन के खिलाफ ऑल इंडिया सर्विसेज के रूल्स के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी…

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान में सीएम ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलापान बंदोपाध्याय एक बार फिर सुर्खियों में है। जानकारी के मुताबिक में सीएम ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलापान बंदोपाध्याय के खिलाफ केंद्र सरकार ने कदाचार, दुर्व्यवहार के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी है।

इसके साथ ही उनके एक बड़ा जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दे दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय अलापान बंदोपाध्याय को लेकर सख्त नजर आ रहा है।

इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिया है। कार्मिक मंत्रालय ने अलापन से कहा है कि वह अपने बचाव में लिखित बयान सौंप सकते हैं। या फिर वो खुद पेश होकर घटना की वजह को स्पष्ट कर सकते हैं। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो जांच कमेटी उन पर लगे आरोपों के आधार पर एकतरफा फैसला लिया जा सकता है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार आमने-सामने है लेकि दिल्ली बुलाए जाने के बाद खड़े हुए विवाद के बीच अचानक से रिटायर हो गए थे। इसके साथ ही अलापन बंदोपाध्याय को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुख्य सलाहकार बना गए।

 

बताया जा रहा है कि बंदोपाध्याय को तीन महीने का कार्यकाल विस्तार मिला था, जिसे खारिज करते हुए उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला लिया था। इससे पूर्व पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर रार देखने को मिल रही है।

दरअसल मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के तबादले को लेकर अब राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच तलवारे खींचती नजर आ रही थी। बता दें कि जब पीएम मोदी की चक्रवात यास से हुए नुकसान को लेकर बुलाई गई समीक्षा बैठक में सीएम ममता बनर्जी और यहां तक कि मुख्य सचिव समय पर नहीं पहुंचे थे।

इसके बाद केंद्र ने देर किये बगैर मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को दिल्ली तलब कर लिया था और उन्हें नार्थ ब्लॉक में रिपोर्ट करना था लेकिन वो दिल्ली नहीं पहुंचे थे। इसके बाद तो यहां तक कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार अब उनके खिलाफ एक्शन ले सकती है।

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रामदेव के जिस बोर्ड का प्रस्ताव हो गया था ख़ारिज सरकार ने उसी का बनाया अध्यक्ष https://www.jubileepost.in/ramdevs-board-which-was-proposed-was-rejected-the-government-made-the-chairman-of-the-same/ Mon, 21 Jun 2021 13:46:48 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225857 जुबिली न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली. शिक्षा मंत्रालय ने 2016 में बाबा रामदेव के जिस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, बाबा ने उसे पास करवा लिया है. किसी को आश्चर्य हो तो होता रहे लेकिन सच यही है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड की कमान बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट को सौंप दी गई है. …]]>

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. शिक्षा मंत्रालय ने 2016 में बाबा रामदेव के जिस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, बाबा ने उसे पास करवा लिया है. किसी को आश्चर्य हो तो होता रहे लेकिन सच यही है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड की कमान बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट को सौंप दी गई है.

बाबा रामदेव शिक्षा विभाग को साल 2015 में शिक्षा के स्वदेशीकरण का प्रस्ताव रखा था. बाबा ने वैदिक शिक्षा अनुसन्धान संस्थान हरिद्वार के ज़रिये महर्षि दयानन्द की पुरातन शिक्षा और आधुनिक शिक्षा का मिश्रण कर उसका भारतीयकरण करने के लिए एक स्कूल बोर्ड गठित करने का प्रस्ताव भी दिया था.

बाबा रामदेव के इस प्रस्ताव पर प्रधानमन्त्री कार्यालय में बैठक कर विचार भी किया गया लेकिन शिक्षा मंत्रालय ने एक निजी स्कूल बोर्ड को मान्यता देने के सवाल पर आपत्ति कर दी. इसके बाद 2016 में यह प्रस्ताव खारिज हो गया.

हालांकि शिक्षा मंत्रालय ने वैदिक शिक्षा के लिए अपना स्कूल बोर्ड स्थापित करने की योजना तैयार की. 2019 में इसे लेकर फिर बातचीत हुई और इसे निजी क्षेत्र को सौंपे जाने के मुद्दे पर विमर्श किया गया. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा संचालित विद्या भारती स्कूल और आर्य समाज के स्कूलों को इस निजी क्षेत्र के बोर्ड के अधीन लाने की योजना तैयार की गई. इन पारम्परिक विद्यालयों में करीब दस हज़ार बच्चे वैदिक शिक्षा ले रहे हैं. इन विद्यार्थियों को सीबीएसई जैसे बोर्ड अनुमति नहीं दे रहे हैं. निजी क्षेत्र का बोर्ड बनेगा तो इन्हें मान्यता दिलाना आसान हो जायेगा.

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यह प्रस्ताव पास होने के बाद मार्च 2019 को भारतीय शिक्षा बोर्ड को एक सोसायटी के रूप में पंजीकृत कराकर हरिद्वार में दफ्तर बना दिया गया है. इसका बैंक एकाउंट भी खोला गया है जिसमें कार्पस फंड और विकास निधि की शक्ल में 71 करोड़ रुपये की राशि भी जमा कराई गई है. इस बोर्ड का अध्यक्ष बाबा रामदेव को बना दिया गया है. बोर्ड अब अपना पाठ्यक्रम तैयार करने में जुटा है.

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संसद के मानसून सत्र में कुछ बड़ा करने की तैयारी में है कांग्रेस https://www.jubileepost.in/congress-is-preparing-to-do-something-big-in-the-monsoon-session-of-parliament/ Mon, 21 Jun 2021 12:13:37 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225853 जुबिली न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली. पेट्रोल-डीज़ल के दामों में बढ़ोत्तरी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस रणनीति तैयार करने में जुट गई है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 जून को कांग्रेस के महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों की बैठक बुलाई है. इन नेताओं के साथ …]]>

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. पेट्रोल-डीज़ल के दामों में बढ़ोत्तरी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस रणनीति तैयार करने में जुट गई है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 जून को कांग्रेस के महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों की बैठक बुलाई है. इन नेताओं के साथ सोनिया बेलगाम महंगाई और कोरोना महामारी के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगी.

कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह बैठक संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले बुलाई गई है. ज़ाहिर है कि कांग्रेस अब सरकार को पेट्रोल-डीज़ल के दामों को लेकर संसद में घेरने का मन बना चुकी है.

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इस बैठक के अलावा कांग्रेस हाईकमान ने 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र 22 जून को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों से मुलाक़ात का फैसला किया है. इस बैठक में पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच चल रहे विवाद को लेकर भी चर्चा की जायेगी.

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‘WORLD हाइड्रोग्राफी डे’ पर लगी जल चौपाल, ग्रीन सोशल वर्क को लेकर हुई चर्चा https://www.jubileepost.in/discussion-on-water-choupal-green-social-work-on-world-hydrography-day/ Mon, 21 Jun 2021 11:57:35 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225845 लखनऊ। विश्व हाइड्रोग्राफी डे” के उपलक्ष में वाॅटरएड इंडिया, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी एवं विज्ञान फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ”ग्रीन सोशल वर्क एवं इकोसिस्टम रेस्टोरेशन” विषय पर आयोजित जल चौपाल (वेबीनार) में समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों के अलावा करीब 100 लोगो ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महात्मा गांधी काशी …]]>

लखनऊ। विश्व हाइड्रोग्राफी डे” के उपलक्ष में वाॅटरएड इंडिया, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी एवं विज्ञान फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ”ग्रीन सोशल वर्क एवं इकोसिस्टम रेस्टोरेशन” विषय पर आयोजित जल चौपाल (वेबीनार) में समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों के अलावा करीब 100 लोगो ने प्रतिभाग किया।

प्रोफ़ेसर संजय

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के सोशल वर्क फैकल्टी के डीन, प्रोफ़ेसर संजय ने वाॅटरएड इंडिया, सोशल वर्क डिपार्टमेंट और अन्य विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र एवं छात्राओं का स्वागत किया साथ ही विभाग द्वारा संचालित ग्रीन सोशल वर्क के बारे में बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि कैसे हम ग्रीन सोशल वर्क के माध्यम से अपने आसपास के पर्यावरण को सुधार सकते हैं क्योंकि प्रकृति और संस्कृति का संयोग ही पर्यावरण है।

यह क्यों बिगड़ रहा है और हम इसे कैसे संयोजित कर सकते हैं इसी पर आधारित है। विकास का पर्यावरण पर बहुत ही नकारात्मक परिणाम देखने को मिलता है जितना हमने विगत 15 सौ वर्षों से अधिक समय में पर्यावरण को नुकसान नहीं किया था उससे अधिक मात्र विगत 50 वर्षों में विकास के नाम पर हमने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है ।

जिसके कारण जलवायु परिवर्तन के संकट का सामना करना पड़ रहा है। जिसके दुष्प्रभाव सम्पूर्ण समाज पर तो पड़ता है है लेकिन सर्वाधिक दुष्प्रभाव समुदाय के सीमांत एवं वंचित वर्ग पर पड़ता है।

जिससे की आजीविका, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बुरी तरह प्रभावित होते हैं साथ ही उनको पलायन का विष भी पीना पड़ता है। इस वेबिनार के माध्यम से वर्षा जल संचयन के कम लागत के मॉडल के विषय में समझने की आवश्यकता है जिससे कि स्वयं के स्तर पर समझ कर समाज को जागृत करने का प्रयास कर सकते हैं।

प्रोफेसर वंदना सिन्हा

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर वंदना सिन्हा  ने ग्रीन सोशल वर्क के माध्यम से पर्यावरण के संरक्षण के विषय में छात्र छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया कि शहरीकरण और अनियंत्रित विकास के कारण भी पर्यावरण पर दुष्प्रभाव हुए हैं।

झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के साथ सोशल जस्टिस नहीं होता है जैसे कि सम्मानपूर्वक रहने का अधिकार, साफ सफाई की उचित व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं जो कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने हेतु जरूरी होते हैं, उनसे उन्हें वंचित रहना पड़ता है जिसके कारण पर्यावरण में विसंगतियां होती हैं।

उन्होंने ग्रीन सोशल वर्क से जुड़े कुछ अभियानों के विषय में भी जानकारी दी जैसे कि चिपको आंदोलन, टेहरी डैम आंदोलन, बॉक्साइट माइनिंग के विरुद्ध आंदोलन आदि प्रमुख रहे। पानी का मुद्दा भी ग्रीन सोशल वर्क का ही एक अंग है और इसे लोगों के मध्य संवेदना के दृष्टिकोण से रखने की आवश्यकता है जिससे कि भविष्य के प्रति इसका निरंतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

डॉक्टर शिशिर चंद्रा

वाॅटरएड इंडिया के कार्यक्रम समन्वयक डॉक्टर शिशिर चंद्रा ने जल चौपाल पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को बताया कि पानी सभी से सीधा जुड़ा मुद्दा है और इसे साझे तरीके से ही सुलझाया जा सकता है।

पानी का मूलतः दो स्रोत हैं, ग्लेशियर और वर्षा का पानी। वाटर बजटिंग अपने आप में एक अनोखा शब्द है, जिस प्रकार हम अपने घर के कार्यक्रमों में खर्चे का बजटिंग करते हैं उसी प्रकार से हमें समुदाय के मध्य पानी के खर्च का बजटिंग कराना चाहिए जिससे कि उनमें यह समझ पैदा हो सके कि वह दैनिक कार्यों हेतु कितना पानी उपयोग में लाते हैं और प्रकृति द्वारा उन्हें कितना पानी उपलब्ध है जिससे कि वह डिमांड और सप्लाई को समझ सके, साथ ही भूमिगत जल की गणना वर्षा का चलन आदि को समझ कर यह अनुमान लगा सकें कि पानी को किस प्रकार से बुद्धिमत्ता पूर्ण ढंग से इस्तेमाल कर भविष्य के लिए संचित किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को वर्षा जल संचयन से जुड़े अनेक प्रकार के मॉडल को दिखाकर उन पर चर्चा की।

फारुख रहमान खान

वॉटरएड इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक फारुख रहमान खान ने बताया कि यूनाइटेड नेशन ने अगले 10 वर्षों के लिए इकोसिस्टम रेस्टोरेशन थीम का आवाहन साथ देशों से किया है और अगले 10 वर्षों तक इसी मुद्दे पर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया है सरकार ने भी पानी के मुद्दों को प्रमुखता से लिया है और जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल योजना भी चलाई जा रही है जिसमें अबतक 11% ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप वाटर सप्लाई की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकी है।

 

उन्होंने साथ ही यह भी बताया कि समाज कार्य विभाग से जुड़े छात्रों के लिए भी यहां एक अवसर के रूप में देखा जा सकता है जिसमें समुदाय का योगदान समुदाय की सहभागिता एवं विकसित संसाधनों के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस में उनकी भूमिका सुनिश्चित कराने में संस्थाओं के साथ जुड़कर अपना अहम योगदान दे सकते हैं।

इस वेबिनार में 15 शिक्षक, विभिन्न प्रदेशों के 90 विद्यार्थी,एवं विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी सहभागिता किये।कार्यक्रम का संचालन कर रहे वॉटर एड इंडिया से डॉक्टर शिशिर चंद्रा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वाटर ऐड इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक फरुख रहमान ने किया। सहभागियों ने इस तरह के आयोजन को लगातार आयोजित करने की दिशा में काम करने का सुझाव दिया।

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जब राजपूतों के दरवाजों से गुज़रा घोड़े पर सवार अनुसूचित जाति का दूल्हा https://www.jubileepost.in/when-the-groom-of-a-scheduled-caste-riding-a-horse-passed-through-the-doors-of-rajputs/ Mon, 21 Jun 2021 11:14:44 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225842 जुबिली न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली. भिवानी जिले के गोविन्दपुरा गाँव में 300 साल पुरानी एक परम्परा टूटी तो खबर दूर-दूर तक फैल गई. अनुसूचित जाति का एक दूल्हा घोड़े पे सवार होकर राजपूतों के घरों के सामने से आन-बान और शान से गुज़रा. यह पहली बार हुआ कि इस रास्ते से इतनी धूम से किसी …]]>

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. भिवानी जिले के गोविन्दपुरा गाँव में 300 साल पुरानी एक परम्परा टूटी तो खबर दूर-दूर तक फैल गई. अनुसूचित जाति का एक दूल्हा घोड़े पे सवार होकर राजपूतों के घरों के सामने से आन-बान और शान से गुज़रा. यह पहली बार हुआ कि इस रास्ते से इतनी धूम से किसी की बारात गुज़री हो.

हरियाणा के भिवानी जिले में एक गाँव है गोबिंदपुरा. यह गाँव तीन सौ साल पहले बसाया गया था. इस गाँव में दो ही बिरादरियां रहती हैं. एक है राजपूत समाज और दूसरा है हेड़ी समाज. हेड़ी समाज के लोग अनुसूचित जाति से आते हैं. गाँव में राजपूतों की तादाद 1200 है और हेड़ी समाज की 800. दोनों में कभी टकराव नहीं हुआ क्योंकि हेड़ी समाज ने कभी कोई ऐसा काम ही नहीं किया कि राजपूत समाज को नागवार गुज़रे.

इस गाँव के लोग हालांकि शुरू से ही यही चाहते थे कि दोनों समाज के लोग मिल जुलकर रहें. कोई किसी का दिल न दुखाये. राजपूत समाज भी चाहता था कि हेड़ी समाज में शादियाँ हो तो दूल्हा घोड़े पर सवार होकर जाए यह मामला एक बार पंचायत के सामने भी गया थ लेकिन पंचायत में इस बात को लेकर सहमति नहीं बन पाई.

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पंचायत में बात नहीं बनी तो गाँव के कुछ राजपूतों ने सरपंच बीर सिंह के साथ मिलकर 300 साल पुरानी परम्परा को तोड़ने का फैसला किया और हेड़ी समाज के दूल्हा विजय को पहली बार घोड़े पर सवार कर दुल्हन के घर के लिए रवाना किया. एहतियात के तौर पर इस दौरान गाँव में पुलिस तैनात की गई थी लेकिन गाँव के किसी भी राजपूत ने इस शादी का विरोध नहीं किया. हेड़ी समाज के लोगों में इस बात को लेकर खुशी की लहर है कि राजपूतों ने उनके समाज को भी सम्मान से जीने का अवसर दिया है.

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माइक्रो फूड प्रासेसिंग योजना के जरिए मिलेगा हजारों को रोजगार https://www.jubileepost.in/thousands-will-get-employment-through-micro-food-processing-scheme/ Mon, 21 Jun 2021 10:34:43 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225837 खास बातें हर बड़े गांव में फूड प्रोसेसिंग यूनिटें लगेंगी, किसानों को भी होगा लाभ सरकार ने दिया ध्यान तो न बड़े से लेकर छोटे कारोबारी लगाने लगे फूड प्रासेसिंग यूनिट पतंजलि, पेप्सिको, हल्दीराम शहर में तो छोटे कारोबारी गांव में लगा रहे फूड प्रासेसिंग यूनिट लखनऊ । प्रदेश सरकार द्वारा फल और सब्जियों के …]]>

खास बातें

  • हर बड़े गांव में फूड प्रोसेसिंग यूनिटें लगेंगी, किसानों को भी होगा लाभ
  • सरकार ने दिया ध्यान तो न बड़े से लेकर छोटे कारोबारी लगाने लगे फूड प्रासेसिंग यूनिट
  • पतंजलि, पेप्सिको, हल्दीराम शहर में तो छोटे कारोबारी गांव में लगा रहे फूड प्रासेसिंग यूनिट

लखनऊ प्रदेश सरकार द्वारा फल और सब्जियों के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयास अब किसानों और छोटे कारोबारियों को भी भाने लगे हैं। राज्य के हर बड़े गांव में अब फल और सब्जियों के प्रसंस्करण को लेकर जागरूकता बढ़ी है।

छोटे-छोटे कारोबारी ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) यूनिट लगाने में रूचि दिखा रहे हैं। इन छोटे कारोबारियों को सरकार 10 लाख रुपये तक लागत वाली फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर 35 प्रतिशत की दर से ऋण में सब्सिडी देकर उनका उत्साह बढ़ा रही है।

सरकार के इस प्रयास का नतीजा है कि अब गावों में छोटे उद्योगों को आधुनिक बनाने और फूड प्रोसेसिंग की क्षमता बढ़ाने को लेकर तमाम प्रस्ताव उद्यान विभाग को प्राप्त हुए हुए।

इन प्रस्तावों को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 9301 सूक्ष्म खाद्य फूड प्रोसेसिंग उद्यमों को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया है। इन उद्यमों में करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। और हजारों किसानों को उनके उत्पाद की वाजिब कीमत मिल गांव में ही मिलेंगी, उन्हें लाभ होगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश देश में फल और सब्जियों का सबसे बड़ा उत्पादक है। फिर भी राज्य में उत्पादित फल और सब्जियों की 10 फीसदी से कम की ही प्रोसेसिंग हो पाती थी। बड़ी मात्रा में जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थ हर साल बर्बाद हो जाते थे।

जिसके चलते किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पाता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका संज्ञान लिया। यहीं वजह है कि सूबे की सत्ता पर काबिज होने के तत्काल बाद उन्होंने किसानों की दिक्कतों को दूर करने के लिए कई फैसले लिए।

किसानों के कर्ज को माफ़ करने के बाद मुख्यमंत्री ने किसानों को गन्ना, धान तथा गेहूं की खरीद का मूल्य दिलाने की व्यवस्था लागू की और इसके साथ ही फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश को बढ़ाबा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण नीति 2017 तैयार कराई। इस नीति में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमी को कई तरह की रियायते देने का ऐलान किया गया।

प्रदेश सरकार की इस नीति से प्रभावित होकर वर्ष 2018 से अब तक 4109.74 करोड़ रुपए की लागत वाले 803 आवेदन उद्यमियों से प्राप्त हुए। इन आवेदनों में फल -सब्जी प्रसंस्करण के 81, उपभोक्ता उत्पाद के 232, खाद्यान्न मिलिंग के 397, हर्बल प्रोसेसिंग के 03, दुग्ध प्रसंस्करण के 35, तिलहन प्रसंस्करण के 27, दलहन प्रसंस्करण के 15, मांस प्रसंस्करण के 08, रेफर वैन के 10, मेगा फ़ूड पार्क और एग्रो प्रोसेसिंग का एक प्रस्ताव है। इन उद्योगों के लिए सरकार के स्तर से उद्यमियों को जमीन उपलब्ध कराई गई है और कई यूनिटों में उत्पादन भी शुरु हो गया है।

इसके अलावा बड़े उद्योगपतियों ने भी प्रदेश सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर अपनी इकाई राज्य में लगाने की पहल ही है। इन उद्योगपतियों ने बीते चार सालों में 9105.58 करोड़ रुपए की लागत वाली 139 फूड प्रासेसिंग यूनिट (फैक्ट्री) राज्य में स्थापित करने के प्रस्ताव सरकार को सौंपे, जिनमें से 101 से फूड प्रासेसिंग फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो गया है।

इन 101 से फूड प्रासेसिंग फैक्ट्रियों की स्थापना पर 4074.02 करोड़ रुपए की लागत आयी है और इन फूड प्रासेसिंग फैक्ट्रियों में 20,176 लोगों को रोजगार मिला है। जबकि 38 फूड प्रासेसिंग फैक्ट्रियों के निर्माण का कार्य चल रहा है।

इन फैक्ट्रियों में 21,111 लोगों को रोजगार मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, एसएलएमजी बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड ने लखनऊ में 300 करोड़ रुपए, बरेली में बीएल एग्रो 160 करोड़ रुपए और खट्टर इडीबल्स प्राइवेट लिमिटेड रामपुर में डेढ़ सौ करोड़ रुपए का निवेश कर उत्पादन शुरू कर दिया है। 55 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित बाराबंकी में ऑर्गेनिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संयंत्र में भी उत्पादन हो रहा है।

इसी प्रकार पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड गौतमबुद्धनगर में 2,118 करोड़ रुपए, पेप्सिको मथुरा में 514 करोड़ रुपए, हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड गौतमबुद्धनगर में 490 करोड़ रुपए का निवेश कर रही हैं। इसके अलावा 38 फूड प्रासेसिंग फैक्ट्रियों के निर्माण का कार्य चल रहा है, इस वर्ष के अंत तक इन फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। 5031.31 करोड़ रुपए का निवेश से इन 38 फूड प्रासेसिंग फैक्ट्रियों के निर्माण पर किया जा रहा है।

इसके साथ ही अब गांवों तथा कस्बों के स्तर पर भी फूड प्रासेसिंग कारोबार को लेकर छोटे- छोटे कारोबारी भी अपनी यूनिट लगाने की पहल कर रहे हैं। इन छोटे कारोबारियों को ग्रामीण स्तर पर अपनी फूड प्रोसेसिंग इकाई लगाने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना हिम्मत बंधा रही है।

इस योजना से किसानों, कुटीर उद्योगों, किसान संगठनों सहित अन्य लोगों को तरक्की करने का मौका मिल रहा है। उक्त योजना का मकसद ग्रामीण स्तर पर प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाना और किसानों की आय दोगुनी करना है। जिसके तहत ही छोटे और मझोले उद्योगों को पूंजी उपलब्ध कराने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए सरकार फार्म-टू-मार्केट लिंकेज बना रही है।

इस योजना के तहत महिलाओं और छोटे उद्यमियों की ओर से चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा। नए उद्यमियों को आसानी से कर्ज मिल जाए, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार का मत है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने और फूड प्रोडक्ट्स की नई रेंज लाने में भी मदद मिलेगी।

इसी सोच के तहत प्रदेश सरकार ने अगले पांच वर्षों में 37,826 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के जरिए लोगों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया है। इस वित्तीय वर्ष में इस वित्तीय वर्ष में 9301 सूक्ष्म खाद्य फूड प्रोसेसिंग उद्यमों को बढ़ावा दिया जाएगा।

फिलहाल सरकार को हर जिले में छोटे कारोबारियों के फूड प्रासेसिंग यूनिट लगाने के सैकड़ों आवेदन प्राप्त हुए हैं जिन पर अब जल्दी ही फैसला लिया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में फूड प्रासेसिंग यूनिट लगाने के इच्छुक छोटे कारोबारी अपना उद्यम स्थापित कर उसमें लोगों को रोजगार दे सकें और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य गांव में ही मिलना शुरू हो जाए।

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केजरीवाल का ऐलान, पंजाब में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार सिख ही होगा https://www.jubileepost.in/kejriwals-announcement-the-candidate-for-the-post-of-chief-minister-in-punjab-will-be-sikh/ Mon, 21 Jun 2021 09:49:59 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225832 जुबिली न्यूज डेस्क आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार सिख समाज से ही होगा। मालूम हो कि पंजाब में अगले साल विधानसभा के …]]>

जुबिली न्यूज डेस्क

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया।

केजरीवाल ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार सिख समाज से ही होगा।

मालूम हो कि पंजाब में अगले साल विधानसभा के लिए चुनाव होना है।

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पत्रकारों से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, “ये सिख समाज का हक है। मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बारे में बाद में चर्चा की जाएगी, लेकिन वो जो कोई भी होगा, पंजाब को उस शख्स पर गर्व होगा।”

सोमवार को ही पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अमृतसर में अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “कुंवर विजय प्रताप सिंह एक राजनेता नहीं है। वे ‘आम आदमी का पुलिसवाला’ कहे जाते थे। हम सभी लोग इस देश की सेवा के लिए हैं। इसी भावना से वे आज पार्टी में शामिल हुए हैं। ”

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पंजाब में सीएम पोस्ट पर ‘आप’ का उम्मीदवार सिख ही होगाः केजरीवाल https://www.jubileepost.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%aa/ Mon, 21 Jun 2021 09:41:48 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225829 पंजाब में सीएम पोस्ट पर ‘आप’ का उम्मीदवार सिख ही होगाः केजरीवाल

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क्या खिचड़ी पक रही है शरद पवार व प्रशांत किशोर में https://www.jubileepost.in/delhi-sharad-pawar-and-prashant-kishor-meeting/ Mon, 21 Jun 2021 09:41:43 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225819 जुबिली स्पेशल डेस्क मुम्बई। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार से एक हफ्ते में दूसरी बार चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाकात से राजनीतिक सरगर्मी एकाएक बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक शरद पवार से प्रशांत किशोर ने उनके दिल्ली आवास पर मुलाकात होने की एक बार फिर …]]>

जुबिली स्पेशल डेस्क

मुम्बई। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार से एक हफ्ते में दूसरी बार चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाकात से राजनीतिक सरगर्मी एकाएक बढ़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक शरद पवार से प्रशांत किशोर ने उनके दिल्ली आवास पर मुलाकात होने की एक बार फिर खबर है। दोनों के मुलाकात के क्या है मायने हैं, इसको लेकर कयासों का दौर जारी है।

दोनों की मुलाकात इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि यह बैठक विपक्षी दलों की शरद पवार के घर पर होने वाली मीटिंग से पहले हुई है। राजनीति से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि विपक्षी दलों के कई बड़े नेता मंगलवार को शरद पवार के घर पर मिलने वाले हैं।

दरअसल  विपक्षी दलों का एक राष्ट्रीय मंच बनाया गया है। इसकी स्थापना यशवंत सिन्हा (अब टीएमसी में) और शत्रुघ्न सिन्हा ने की थी। ये मंच देश की मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा करता है।

ऐसे में शरद पवार की प्रशांत किशोर से दस दिनों के अंदर दो बार हुई मुलाकात के बाद कई तरह के कयास लगने लगे हैं। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने साफ कर दिया था कि प्रशांत को एनसीपी में कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी गई है।

साथ ही, मलिक ने यह भी कहा है कि बीजेपी के खिलाफ देश की विभिन्न विपक्षी पार्टियां एकजुट होने जा रही हैं, एनसीपी बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने की कोशिश कर रही है और निकट भविष्य में ऐसा किया जाएगा। अब देखना होगा क्या सभी राजनीति दल एक साथ आते हैं या नहीं।

दोनों की मुलाकात 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बीजेपी को रोकने के लिए शरद पवार सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर लाना चाहते हैं। इसी के तहत उन्होंने प्रशांत किशोर से मुलाकात की है।

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इस गोबर चोर को पकड़ने के लिए पुलिस ने बिछाया मुखबिरों का जाल https://www.jubileepost.in/police-has-engaged-informers-to-catch-the-cow-dung-thief/ Mon, 21 Jun 2021 09:40:52 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225824 जुबिली न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले पुलिस ने गोबर चोरी का मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब बाकायदा मामले की जांच में जुट गई है. चोर को पकड़ने के लिए पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछा दिया है. दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने साल भर पहले अपने राज्य में गौधन न्याय योजना शुरू …]]>

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले पुलिस ने गोबर चोरी का मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब बाकायदा मामले की जांच में जुट गई है. चोर को पकड़ने के लिए पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछा दिया है.

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने साल भर पहले अपने राज्य में गौधन न्याय योजना शुरू की थी. इस योजना के तहत सरकार गाय पालकों से दो रुपये किलो की डर से गोबर खरीद लेती है. इस गोबर से कृमि खाद बनाने का काम किया जाता है. गोबर की कीमत तय होते ही यह छत्तीसगढ़ में वस्तु में बदल चुका है. गाय पालक अपनी गाय का गोबर बड़ी हिफाज़त से रखते हैं और उसे जमाकर सरकारी केन्द्रों पर बेच देते हैं.

कोरबा जिले के धुरेना गाँव में एक घर से रात के समय 800 किलो गाय का गोबर चोरी चला गया. चोरी का यह मामला पुलिस के पास पहुँच गया. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है.

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उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जून 2020 में पशुपालकों से दो रुपये किलो की दर से गोबर खरीदने की योजना बनाई थी. तमाम लोग गोबर बेचकर अच्छी खासी रकम कमा रहे हैं. दिक्कत की बात यह है कि जब से गोबर बिकना शुरू हुआ वह चोरी भी होने लगा. छत्तीसगढ़ में अब आये दिन गोबर चोरी के मामले सामने आने लगे हैं.

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OLX पर बिक रही दुकानो की वजह आपको फिक्रमंद कर देगी https://www.jubileepost.in/why-small-shops-on-sale/ Mon, 21 Jun 2021 09:30:48 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225815 जुबिली न्यूज ब्यूरो  जिस OLX पर घर के फालतू सामान और पुराना कबाड़ बिकता था , उसी जगह अब पूरी की पूरी दुकान बिकने लगी है। भारतीय बाजार में आई इस खबर को जरा सावधान होकर पढ़ने की जरूरत है। यूपी की राजधानी लखनऊ और गाजियाबाद और कानपुर जैसे बड़े शहरों में बीते एक महीने …]]>

जुबिली न्यूज ब्यूरो 

जिस OLX पर घर के फालतू सामान और पुराना कबाड़ बिकता था , उसी जगह अब पूरी की पूरी दुकान बिकने लगी है। भारतीय बाजार में आई इस खबर को जरा सावधान होकर पढ़ने की जरूरत है।

यूपी की राजधानी लखनऊ और गाजियाबाद और कानपुर जैसे बड़े शहरों में बीते एक महीने में करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने अपनी पूरी दुकान को ही OLX पर बेचने के लिए डाल दिया है।

कानपुर के एक युवा की नौकरी जब कोविड काल के पहले दौर में गई तो उसने जीविका के लिए एक दुकान खोल ली जिसमे वे कसमेटिक्स और गिफ्ट के सामान बेचने लगे। लेकिन कोरोना के दूसरे दौर ने उनकी कमर तोड़ दी , पहले कोरोना ने पिता को छीन और उसके बाद हुए लाकडाउन ने बिजनेस ठप्प कर दिया। ये व्यवसायी अब अपनी पूरी दुकान को डेढ़ लाख रुपये में बेचने का फैसला कर चुका है।

खास बात ये है कि जिन दुकानों को बेचा जा रहा है वो उन चीजों की हैं जो शौक से जुड़ी हैं जैसे ब्यूटीपार्लर, कसमेटिक्स और क्राकरी। लेकिन सैलून, कैफे , रेस्टोरेंट और मोबाईल शाप जैसी दुकाने भी यहाँ बिकने के लिए मौजूद हैं।

ये जान कर हैरान मत होइएगा कि लखनऊ जैसे शहर में करीबन आधा दर्जन नर्सिंग होम भी बिकने के लिए मौजूद हैं। इन नर्सिंग होम के मालिक इस बार के करोना लहर में काल कवलित हो गए हैं।

 

इस बात में कोई शक नहीं है कि इन सबकी एक ही वजह है और वो है कोरोना के कारण हुई बाजार में मंदी । आँकड़े बताते हैं कि बीते एक साल में भारत के मध्यमवर्ग से करीब साढ़े तीन करोड़ लोग कम हो गए हैं, दूसरे शब्दों में कहिए तो ये लोग गरीब हो चुके हैं। इनमे बड़ी संख्या पेशेवर लोगों की है मगर छोटे व्यापारियों की संख्या भी 40 प्रतिशत से ज्यादा है।

नौकरियां जाने का सीधा असर व्यापार पर पड़ा है। बढ़ते हुए आनलाईन मार्केट से छोटे व्यापारी पहले से ही दबाव में थे और अब जब खरीदार खुद संकट में हों तो बाजार की हालत बिगड़नी स्वाभाविक है।

मंदी की मार झेल रहा मध्यवर्ग फिलहाल गैरजरूरी सामानों की खरीदारी बिल्कुल नहीं कर रहा, दूसरी तरफ संक्रमण के डर ने सैलून और रेस्तरां जाना भी बंद करवा दिया है। वर्क फ्राम होम कल्चर और सोशल गैदरिंग के न होने के कारण भी लोग अपने कपड़े और लुक्स पर खर्च नहीं कर रहे।

दूसरी ओर दुकानदार के अपने खर्चे बने हुए हैं, दुकान के किराये, बिजली का न्यूनतम बिल और कुछ टैक्स उसे लगातार चुकाना पड़ रहा है। जब दुकान की कमाई खत्म हो तो ये खर्चे भारी पड़ने स्वाभाविक ही है।

सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि छोटे व्यापारियों को मुद्रा लोन बांटा जाए , मगर अनजाने भविष्य की आशंका ने लोन लेने वालों की हिम्मत तोड़ कर रख दी है।

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बेहतर जिंदगी की तलाश में गावं से शहर आए कई ऐसे लोग भी हैं जिहोने पहले मजदूरी की और फिर एक छोटी दुकान खोली। कोरोना काल के पहले दौर के बाद वे वापस लौटे लेकिन दूसरी लहर ने उनकी कुल जमापूँजी खत्म कर दी। अब वे वापस गाव में हैं और दोबारा अपनी दुकान खड़ी करने की हिम्मत उनके पास नहीं बची है।

रिजर्व बैंक की हालिया रिपोर्ट इस बात को कहती है कि कोरोना की एक के बाद एक दो लहरों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को करीब 20 अरब रुपये की चपत लगी है। खबरे बताती हैं कि बीते एक साल में मोबाईल बेचने वाली करीब 10 हजार दुकाने बंद हुई हैं।

दूसरी तरफ कोरोना के कारण कुछ नए व्यवसाय शुरू भी हुए हैं , लेकिन मास्क, सैनेटाईजर, पीपीई किट जैसे उत्पादों की मांग कितने दिनों तक बनी रहेगी ये कोई नहीं जानता।

छोटे दुकानों की बंदी का फायदा अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे आनलाईन पोर्टल्स को हुआ है मगर वहाँ भी बेहद जरूरी सामानों के अलावा दूसरे उत्पादों की बिक्री काफी घटी है।

कोरोना ने जिंदगी को तो बदल ही है , मांग और आपूर्ति के सिद्धांत को भी बदल दिया है। ऐसे में भारत के बहुसंख्य छोटे दुकानदारों के लिए भविष्य का रास्ता क्या होगा इस बारे में हमारा नीति आयोग अभी भी खामोश है। वित्त मंत्रालय का पूरा जोर कर्ज बांटने पर है और डरे हुए व्यवसायी कर्ज लेने में हिचक रहे हैं।

ये बात अब साफ है कि अगर सरकार ने नई परिस्थिति का आँकलन जल्दी नहीं किया और अपनी योजनाओं में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया तो कई परिवारों की अगली पीढ़ियां न सिर्फ गरीबी में बसर करेंगी बल्कि कुपोषण, भुखमरी और गरीबी के हालात से निपटान सरकार के लिए भी मुश्किल हो जाएगा।

 

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चुनाव बाद हिंसा मामले में बंगाल सरकार को हाईकोर्ट में झटका https://www.jubileepost.in/shock-to-the-bengal-government-in-the-post-poll-violence-case-in-the-high-court/ Mon, 21 Jun 2021 09:19:32 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225813 जुबिली न्यूज डेस्क पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में सोमवार को ममता सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट में झटका लगा। राज्य ने इस मामले में बड़ी बेंच के फैसले पर पुनर्विचार की मांग में जो याचिका दायर की थी उसे खारिज करते हुए कोर्ट ने सरकार की आलोचना की है। …]]>

जुबिली न्यूज डेस्क

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में सोमवार को ममता सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट में झटका लगा। राज्य ने इस मामले में बड़ी बेंच के फैसले पर पुनर्विचार की मांग में जो याचिका दायर की थी उसे खारिज करते हुए कोर्ट ने सरकार की आलोचना की है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने साफ शब्दों में कहा है कि कोर्ट को इस मामले में सरकार पर भरोसा नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच पर सरकार को आपत्ति क्यों है?

इससे पहले उच्च न्यायालय ने 18 जून के अपने फैसले में हिंसा के मामलों की जांच आयोग से कराने का निर्देश दिया था और सरकार को इसमें सहयोग करने को कहा था।

इसके लिए अदालत ने आयोग से एक तीन-सदस्यीय समिति बनाने को कहा था जिसमें समिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग और राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के एक-एक शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। जो राज्य के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर 30 जून को उच्च न्यायालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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पांच जजों की पीठ ने कहा था कि पहले तो सरकार हिंसा के आरोपों को स्वीकार नहीं कर रही, लेकिन अदालत के पास कई घटनाओं की जानकारी और सुबूत हैं। इस तरह के आरोपों को लेकर राज्य सरकार चुप नहीं रह सकती। र

ममता सरकार ने इसी फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने सोमवार को उसे खारिज कर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।

कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास 541 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि राज्य मानवाधिकार आयोग के पास एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई है। चुनाव के बाद भी राज्य में हिंसा जारी रहना चिंताजनक है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि चुनाव नतीजे के डेढ़ महीने बाद भी हिंसा की खबरें आ रही हैं। पुलिस के खिलाफ ऐसे मामले दर्ज नहीं करने के आरोप लग रहे हैं, जो मामले दर्ज हुए हैं उनकी भी ठीक से जांच नहीं हो रही है, लेकिन सरकार ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है।

चुनावी हिंसा के मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने बीते सप्ताह कहा था कि राज्य ने चुनाव के बाद की हिंसा से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

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कोर्ट ने कहा था,”ऐसे मामलों में जहां चुनाव बाद की हिंसा के कारण राज्य के लोगों का जीवन और संपत्ति कथित खतरे में होने के आरोप लगाए गए हैं, प्रदेश को अपनी पसंद के अनुसार आगे बढऩे की अनुमति नहीं दी जा सकती है। शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।”

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने ममता सरकार को याद दिलाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना और लोगों में विश्वास पैदा करना उनका कर्तव्य है। पीठ में न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी, हरीश टंडन, सौमेन सेन और सुब्रत तालुकदार भी शामिल हैं।

इससे पहले बीते हफ्ते राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि राज्य सरकार चुनाव के बाद की हिंसा के कारण लोगों की पीड़ा के प्रति निष्क्रिय और उदासीन बनी हुई है।

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किसानों के मुद्दे पर प्रियंका ने सीएम योगी से मांगी यह गारंटी https://www.jubileepost.in/priyanka-asked-for-this-guarantee-from-cm-yogi-on-the-issue-of-farmers/ Mon, 21 Jun 2021 08:41:30 +0000 https://www.jubileepost.in/?p=225806 जुबिली न्यूज़ ब्यूरो लखनऊ. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों के गेहूं खरीद पर चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में प्रियंका ने यूपी के कई जिलों से मिली सूचनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा है कि किसानों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. …]]>

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों के गेहूं खरीद पर चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में प्रियंका ने यूपी के कई जिलों से मिली सूचनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा है कि किसानों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

प्रियंका ने लिखा है कि कोरोना महामारी जब तेज़ी पर थी तब किसान क्रय केन्द्रों पर ताला लटका हुआ था और अब जब किसान क्रय केन्द्रों पर गेहूं पहुंचना शुरू हुआ है तब खरीद को कम करते हुए आधा कर दिया गया. उन्होंने कहा है कि किसानों को कम से कम खरीद की गारंटी तो मिलनी ही चाहिए.

सीएम योगी को लिखे पत्र में प्रियंका गांधी ने बताया है कि पंजाब और हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद कुल उत्पादन की 80 से 85 फीसदी तक होती है जबकि यूपी में सरकारी केन्द्रों पर सिर्फ 14 फीसदी की ही खरीद हुई है. यूपी में 378 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन किया है.

प्रियंका ने लिखा है कि हालात ऐसे हैं कि यूपी के बहुत से किसान अपना गेहूं नहीं बेच पाए हैं और सरकारी क्रय केन्द्रों पर बैठे अफसर खरीद में ना नुकुर में लगे रहते हैं.

प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया है कि उन्होंने खुद कहा था कि गेहूं खरीद की सुविधा आख़री किसान तक पहुंचेगी. आज हालत यह है कि बहुत से गाँवों में गेहूं खरीद केन्द्र बंद हो चुके हैं. किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए दूर की मंडियों को दौड़ना पड़ रहा है. देश के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई है ऐसे में उनका गेहूं भीगकर सड़ जाने का खतरा पैदा हो गया है. यही वजह है कि किसान अपनी हाड़तोड़ मेहनत से उगाई गई फसल को औने पौने दाम में बेचने को मजबूर हो रहा है.

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प्रियंका गांधी ने अपनी चिट्ठी में यूपी सीएम से तीन मांगें की हैं. उनकी मांग है कि किसान क्रय केन्द्रों पर 15 जुलाई तक किसानों के गेहूं की खरीद की गारंटी तय की जाए. हर क्रय केन्द्र पर खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित हो ताकि किसान को अपना गेहूं लेकर भटकना ना पड़े और साथ ही एक किसान से अधिकतम 30 या 50 कुंतल गेहूं खरीदे जाने के नियम पर रोक लगाईं जाए. किसानों से अधिकतम खरीद की जाए.

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