ट्रंप के एक ऐलान से दुनिया भर में मची तबाही! शेयर बाजार क्रैश, सेंसेक्स 1671 अंक डूबा

जुबिली स्पेशल डेस्क
Global Market Crash Updates: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) का सीधा और भयंकर असर ग्लोबल इकोनॉमी समेत भारतीय बाजार पर देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष विराम (Ceasefire) खत्म करने की अचानक घोषणा के बाद शेयर बाजार में सुनामी आ गई। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जबकि सोने के भाव धड़ाम हो गए हैं।
1. शेयर बाजार में भारी बिकवाली: सेंसेक्स 1600+ अंक डूबा
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस आक्रामक ऐलान के बाद निवेशकों में चौतरफा डर का माहौल पैदा हो गया, जिससे बाजार में भारी बिकवाली (Panic Selling) शुरू हो गई।
- सेंसेक्स में ऐतिहासिक गिरावट: दोपहर 2:15 बजे के करीब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक (BSE Sensex) 1,671.74 अंक की भारी गिरावट के साथ 76,523.88 के स्तर पर पहुंच गया।
- क्यों आया क्रैश? निवेशकों को डर है कि अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा युद्ध शुरू होने से वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो सकती है। इसी अनिश्चितता के कारण बाजार में मुनाफावसूली और बिकवाली का दौर चल पड़ा।
2. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग, बढ़ा महंगाई का खतरा
युद्ध की आहट और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के खतरे ने कच्चे तेल के बाजार में तबाही मचा दी है।
- दामों में भारी उछाल: कुछ ही घंटों के भीतर कच्चे तेल की कीमतों में 5 डॉलर से अधिक की तेजी दर्ज की गई। पिछले दो दिनों में क्रूड ऑयल कुल 8 डॉलर तक चढ़ चुका है।
- करंट रेट: ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) करीब 6 फीसदी तक क्रैश/वोलाटाइल होकर 78.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। तेल महंगा होने से आने वाले समय में दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
3. सोना अचानक क्यों हुआ ₹2000 सस्ता? जानिए इसके पीछे की वजह
आमतौर पर युद्ध या संकट के समय सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार बाजार का ट्रेंड बिल्कुल उल्टा नजर आया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना एकाएक ₹2000 तक नीचे फिसलकर ₹1,43,489 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके पीछे एक्सपर्ट्स ने दो बड़े कारण बताए हैं:
- शेयर बाजार के घाटे की भरपाई: भारी बिकवाली के चलते शेयर बाजार में नुकसान झेल रहे निवेशक लिक्विडिटी (कैश) के लिए सोने से अपना पैसा निकाल रहे हैं।
- बॉन्ड और महंगा डॉलर: युद्ध के कारण महंगाई बढ़ने पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ब्याज दरों को सख्त रख सकता है। मजबूत डॉलर और ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण निवेशक सोने के बजाय बॉन्ड में पैसा लगाना सुरक्षित समझ रहे हैं, जिससे सोने की मांग घटी है।
4. ‘वे बीमार लोग हैं, समझौता खत्म’-डोनाल्ड ट्रंप का तीखा बयान
डील रद्द करने की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व और वहां के लोगों के लिए बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान: “मैं ईरान के साथ अब कोई डील नहीं चाहता। वे लोग ‘बीमार लोग’ (Sick People) हैं। हम उन पर पहले ही बहुत समय बर्बाद कर चुके हैं। मेरे लिए अब यह समझौता पूरी तरह खत्म हो चुका है।”
ट्रंप के इस कड़े रुख से साफ है कि मिडिल ईस्ट (Middle East Crisis) में अब युद्ध की चिंगारी भड़क चुकी है, जिसका असर आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों पर और गहरा सकता है।


