Share Market Crash: ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1900 अंक टूटा

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। बुधवार को बीएसई सेंसेक्स करीब 1900 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 में 500 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस बड़ी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई।

भारतीय शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण माने जा रहे हैं। आइए जानते हैं वे पांच प्रमुख वजहें, जिन्होंने बाजार पर दबाव बढ़ाया।

1. ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता

बाजार में सबसे बड़ा दबाव ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का रहा। युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंकाओं ने वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 6% तक उछाल आया। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका ने बाजार को कमजोर किया।

3. कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों की आशंका

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। निवेशकों को डर है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में कई कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रह सकते हैं। इसी आशंका में बिकवाली तेज हुई।

4. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बढ़ते वैश्विक जोखिम और रुपये की कमजोरी के चलते विदेशी निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।

5. बढ़ा बाजार का डर, इंडिया VIX में उछाल

बढ़ती अनिश्चितता का असर बाजार के वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) पर भी दिखा, जिसमें 5% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। VIX में तेजी आमतौर पर निवेशकों के बढ़ते डर और बाजार में अस्थिरता का संकेत मानी जाती है।

बुधवार को निफ्टी 50 लगभग 24,259 के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान 500 अंकों से ज्यादा टूटकर करीब 23,897 तक पहुंच गया।

वहीं बीएसई सेंसेक्स करीब 77,816 पर खुला और कारोबार के दौरान गिरकर लगभग 76,302 तक पहुंच गया। अंत में सेंसेक्स करीब 1900 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।

बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, बाजार में आई भारी गिरावट के कारण सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 480 लाख करोड़ रुपये से घटकर 472 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

सबसे अधिक दबाव ऑयल एंड गैस, ऑटो, एफएमसीजी और ऊर्जा सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला।

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