कोलकाता में फुटबॉल फैन्स ने बनाया ‘फीफा गली’ देखिये PICS

जुबिली न्यूज डेस्क
कोलकाता शहर के पुरानी बस्ती इलाक़े में स्थानीय फुटबॉल प्रेमियों ने अपने गली-नक़्शे को ही ‘फीफा गली’ के तौर पर सजाया, जिससे मोहल्ले में खुशी और उत्सव का माहौल बन गया। फुटबॉल मैचों के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों की दीवानगी को देखते हुए पड़ोस के युवाओं ने दीवारों पर रंग-बिरंगे पेंटिंग्स, बैनर और क्लब-प्रतीक लगा कर गली को खास पहचान दी है।

यह पहल शाम के समय तब शुरू हुई जब आसपास के फुटबॉल प्रेमियों ने मिलकर मोहल्ले की मुख्य गली में पेंटिंग और पोस्टर लगाने का निर्णय लिया। कई घरों की दीवारों पर फुटबॉल के बड़े-बड़े ग्राफिक्स, खिलाड़ियों की सिल्हूट और ‘गोल’, ‘नमस्ते फुटबॉल’ जैसे नारे लिखे गए।
कुछ युवाओं ने छोटे-छोटे फुटबॉल टूर्नामेंट भी आयोजित किए, जबकि बच्चे वयस्क झंडे और स्कार्फ लेकर नारे लगा रहे थे।

गली निवासी रीमा सेन ने कहा, “हमारे यहाँ कल से ही माहौल बदल गया है — गीत, नारे और बच्चों की हँसी ने गली को जीवंत बना दिया।” 17 वर्षीय रोहन दास, जो पहलकर्ता दल का हिस्सा है, ने बताया, “हम चाहते थे कि फुटबॉल के प्रति हमारा जुनून दिखे और साथ ही मोहल्ले में सकारात्मक ऊर्जा आए। इसलिए हमने इसे ‘फीफा गली’ नाम दिया।”
स्थानीय क्लब और फुटबॉल अकादमी ने बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए अस्थायी नन्हे-खिलाड़ियों के सेशन लगाए, जिससे स्किल डेवलपमेंट और समुदाय के जुड़ाव को बढ़ावा मिला।

कई पड़ोसी व्यवसायों ने भी फुटबॉल-थीम वाले स्नैक्स और ड्रिंक्स पेश किए, जिससे इलाके में आर्थिक सक्रियता भी आई।
पुलिस के स्थानीय थाने ने बताया कि फिलहाल किसी शिकायत की रिपोर्ट नहीं आई है और आयोजन शांतिपूर्ण रहा। फिर भी सार्वजनिक संपत्ति पर पेंटिंग और बैनर लगाने को लेकर नगर निगम से अनुमति की आवश्यकता हो सकती है, जो बाद में देखी जाएगी।
आयोजकों ने कहा कि वे आगामी फुटबॉल सीज़न के दौरान गली में छोटे-छोटे आयोजनों और स्ट्रीट-फ़ेस्टिवल का आयोजन करना चाहते हैं, ताकि क्षेत्रीय युवाओं को प्लेटफ़ॉर्म मिल सके।
नगर निगम से संपर्क कर दीवारों की मरम्मत व पेंटिंग के नियमों का पालन करने की भी योजना है, ताकि कला और कानूनी प्रक्रियाओं में संतुलन बना रहे।



