राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, जानें क्या कहा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और जनता का भरोसा टूट चुका है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने बीजेपी की राजनीति की “पोल खोल” दी है और आने वाले चुनावों में जनता इसका जवाब देगी।

अखिलेश यादव ने कहा, “बीजेपी थाने चला रही है। हथेली गरम, पुलिस नरम। तहसीलों और थानों में भ्रष्टाचार और वसूली हो रही है, लोगों को न्याय नहीं मिल रहा।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को संरक्षण देना बन गई है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “बीजेपी को अब न चंदा मिलने जा रहा है, न चढ़ावा और न ही वोट मिलने जा रहा है। भगवान राम मर्यादा के प्रतीक हैं, लेकिन बीजेपी ने आस्था, श्रद्धा, मर्यादा और संविधान—चारों के साथ विश्वासघात किया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में मिले दान का पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं रखा जा रहा। अखिलेश ने कहा कि गुप्त दान का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा नहीं है और इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने कहा, “चंदे की चोरी हुई है और इसकी सच्चाई बाहर आएगी। चोरी बीजेपी की प्रैक्टिस बन चुकी है। इस बार प्रभु राम ने ही इनकी पोल खोल दी है। राम इन्हें माफ नहीं करेंगे। अगर डकैती से बड़ा कोई शब्द हो तो वह भी इनके लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार विधानसभा चुनाव समय से पहले कराना चाहती है, तो समाजवादी पार्टी पूरी तरह तैयार है। “जो लोग नवंबर में चुनाव कराने की तैयारी कर रहे थे, वे सितंबर में करा दें, हम तैयार हैं,” उन्होंने कहा।

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे और पूरे विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जनता अब जवाब चाहती है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुप्त दान दिया, लेकिन उसका पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, “बहुत से लोगों ने गुप्त दान दिया है, लेकिन उसका हिसाब कोई नहीं दे रहा। इसका जवाब आखिर कौन देगा?”

प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया, उनमें भी खामियां सामने आईं।

उन्होंने कहा, “बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ तो सड़क टूट गई। गंगा एक्सप्रेसवे में भी कमियां सामने आईं। इनके हर कार्यक्रम के पीछे भ्रष्टाचार दिखाई देता है। लोकतंत्र में विपक्ष की जो जिम्मेदारी है, मैं वही निभा रहा हूं।”

अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में एयरपोर्ट और अन्य परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों और व्यापारियों के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित किसानों ने सरयू नदी में खड़े होकर बीजेपी को वोट न देने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा, “सरकार ने किसानों और व्यापारियों की बात नहीं सुनी। हमने मुआवजे की मांग की थी, लेकिन किसी को न्याय नहीं मिला। यही वजह है कि अयोध्या की जनता ने बीजेपी को सबक सिखाया।”

सपा प्रमुख ने सिख समाज का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जहां सिख समाज के मजबूत उम्मीदवार होंगे, वहां उन्हें चुनाव लड़ाया जाएगा।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि बीजेपी और ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक करार दिया गया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक गर्माने के संकेत दे रहा है।

Related Articles

Back to top button