Developed India: मनरेगा का दौर खत्म! लागू हुई नई रोजगार गारंटी योजना, जानें आम जनता और देश पर क्या होगा असर

नए बदलावों और फैसलों की 5 बड़ी बातें

  • मनरेगा की विदाई: 1 जुलाई 2026 से VB-G RAM G अधिनियम, 2025 के तहत नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना प्रभावी हो गई है।
  • मज़दूरी में बढ़ोतरी: नई योजना के लागू होने के साथ ही ग्रामीण मजदूरों के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम मज़दूरी तय की गई है।
  • भारत-ब्रिटेन ऐतिहासिक समझौता: दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है।
  • पीएम मोदी का तीन देशों का दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 से 12 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की महत्वपूर्ण यात्राएं कीं।
  • बजटीय मंजूरी और मिशन 2.0: केंद्रीय मंत्रिमंडल (CCEA) ने सेमीकॉन मिशन 2.0 (1.27 लाख करोड़ रुपये) और नई मोबाइल विनिर्माण योजना को मंजूरी दे दी है।

मनरेगा की जगह नई योजना का आना भारत की सामाजिक सुरक्षा नीति में पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसका सीधा असर करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की आजीविका पर पड़ेगा।

बढ़ी हुई न्यूनतम मज़दूरी: नई योजना के तहत मजदूरों को अब प्रतिदिन कम से कम 300 रुपये की मज़दूरी मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय में सुधार होगा, हालांकि पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था में पूरी तरह शिफ्ट होने के दौरान प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

15 जुलाई से प्रभावी हुआ व्यापार समझौता (CETA) दोनों देशों के बीच व्यापारिक टैरिफ को कम करेगा।

  • भारतीय निर्यातकों को लाभ: भारत के कपड़ा, फार्मास्युटिकल (दवा) और आईटी (IT) सेवा क्षेत्रों को ब्रिटेन के बाज़ार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
  • आम उपभोक्ताओं को फायदा: ब्रिटेन से आयात होने वाले उत्पाद जैसे कारें और व्हिस्की आदि भारतीय बाज़ार में सस्ते हो सकते हैं।

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट के बावजूद भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) मई 2026 में 5.1% के साथ पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा, खाड़ी देशों से भारत आने वाला रेमिटेंस (विदेशी धन) अप्रैल 2026 में 70% बढ़कर 16 अरब डॉलर हो गया है।

हालांकि, आर्थिक विश्लेषकों ने भारत के बढ़ते विदेशी कर्ज (762.8 अरब डॉलर, जो कुल GDP का 20.8% है) को लेकर दीर्घकाल के लिए थोड़ी चिंता भी जताई है।

नीति विश्लेषकों ने देश के विकास के लिए “रिफॉर्म्स 3.0” का रोडमैप पेश किया है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को आधार और UPI की तरह एक सार्वजनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, एक नई “नेशनल AI टोकन नीति” का प्रस्ताव है, जो प्रमुख शोध संस्थानों और स्कूलों को मुफ्त AI कंप्यूटिंग एक्सेस देगी।

इसके अतिरिक्त, विज्ञान के क्षेत्र से भी एक अच्छी खबर आई है, जहां असम में एक नई जलभृत-निवासी (Aquifer-dwelling) अंधी मछली की प्रजाति खोजी गई है।

आगे क्या होगा? 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले संसद के मानसून सत्र में कर सुधार, MSME, निवेश और बैंकिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ज़मीनी स्तर पर नई रोजगार योजना का क्रियान्वयन और CETA के शुरुआती नतीजे आगामी कुछ तिमाहियों में साफ़ होने लगेंगे।

Related Articles

Back to top button