बढ़ती गर्म रातें छीन रहीं आपकी नींद! भारत के बड़े शहरों पर Climate Central की स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

भारत के बड़े शहरों में बदलता मौसम अब सिर्फ दिन की गर्मी तक सीमित नहीं रह गया है. रात का तापमान भी लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर लोगों की नींद और स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है. पिछले कुछ वर्षों में कई शहरों में गर्म रातों की संख्या बढ़ी है, जिससे लोगों को देर से नींद आना, रात में बार-बार जागना और सुबह थकान महसूस होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

हाल ही में Climate Central की एक स्टडी में बताया गया है कि बढ़ती रात की गर्मी लोगों की नींद पर गंभीर असर डाल रही है. इस रिसर्च में 2020 से 2025 के बीच दुनिया के 1,300 से अधिक शहरों और भारत के 100 से ज्यादा शहरों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया.

स्टडी के मुताबिक, भारत के कई बड़े शहरों में लोग हर साल गर्म रातों की वजह से दर्जनों घंटे की नींद खो सकते हैं.

  • चेन्नई – लगभग 93 घंटे
  • मुंबई84 घंटे
  • कोलकाता80 घंटे
  • अहमदाबाद78 घंटे
  • हैदराबाद75 घंटे
  • बेंगलुरु67 घंटे
  • दिल्ली66 घंटे
  • पुणे65 घंटे

रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों में हर साल नींद में होने वाली कुल कमी में करीब 5 से 8 घंटे सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़े रात के तापमान से जुड़ी हो सकती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी नींद के लिए सोते समय शरीर का तापमान स्वाभाविक रूप से थोड़ा कम होना चाहिए. लेकिन जब रात में भी गर्मी बनी रहती है, तो शरीर खुद को पर्याप्त ठंडा नहीं कर पाता. इसका असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है.

इसके कारण:

  • देर से नींद आना
  • रात में बार-बार नींद खुलना
  • गहरी नींद न आना
  • सुबह उठने पर थकान महसूस होना

लगातार खराब नींद सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहती. लंबे समय तक नींद की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जैसे—

  • हृदय और रक्तवाहिकाओं से जुड़ी बीमारियां
  • तनाव और चिड़चिड़ापन
  • ध्यान और याददाश्त में कमी
  • काम करने की क्षमता प्रभावित होना
  • दिन में ज्यादा नींद आना
  • सड़क दुर्घटनाओं और कार्यस्थल पर गलतियों का जोखिम बढ़ना

विशेषज्ञ गर्म मौसम में बेहतर नींद के लिए कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह देते हैं—

  • कमरे को ठंडा और हवादार रखें।
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनकर सोएं।
  • सोने से पहले भारी भोजन और कैफीन से बचें।
  • मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें।
  • रोज एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • जरूरत हो तो पंखे या एसी का संतुलित उपयोग करें।
  • दिन में नियमित शारीरिक गतिविधि करें।

अगर लंबे समय तक नींद न आने, रात में बार-बार जागने या लगातार थकान की समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

बदलते मौसम का असर अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की नींद, मानसिक स्वास्थ्य और रोजमर्रा की कार्यक्षमता को भी प्रभावित कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के इस असर को गंभीरता से समझने और उससे बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है.

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