मासूमों की तस्वीरों के पीछे विज्ञापन का खेल? BBC की पड़ताल के बाद मोदी सरकार का Meta को कड़ा संदेश-“मांगा जवाब “

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूत्रों के मुताबिक Meta से दो टूक कहा है — पहला, ऐसे तमाम विज्ञापन और उनसे जुड़ी सामग्री फौरन हटाई जाए; दूसरा, यह बताया जाए कि आखिर कंपनी की खुद की विज्ञापन-समीक्षा प्रणाली (Ad Review System) से यह सामग्री छनकर कैसे निकल गई। सरकार ने इस पूरे प्रकरण पर विस्तृत जवाब-तलब किया है।

आरोपों पर सफाई देते हुए Meta ने कहा है कि बाल यौन शोषण सामग्री को लेकर उसकी नीति पूर्णतः “जीरो टॉलरेंस” वाली है। कंपनी का दावा है कि वह ऐसी सामग्री को पहचानने और हटाने के लिए एडवांस्ड AI तकनीक का इस्तेमाल करती है। हालांकि कंपनी ने इस आरोप को खारिज किया है कि उसने जानबूझकर ऐसे विज्ञापनों को बढ़ावा दिया और कहा है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
असली सवाल: टेक दिग्गजों की जवाबदेही कहां?

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