PM आवास पर अचानक ‘सरप्राइज’ धरना: कांग्रेस सांसदों को भी नहीं थी भनक, जानें राहुल गांधी के सीक्रेट प्लान का पूरा सच

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास जैसी अति-सुरक्षित जगह के बाहर मंगलवार को हुए अभूतपूर्व प्रदर्शन ने सिर्फ केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को ही नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस के सांसदों को भी हैरान कर दिया। अब इस बात का बड़ा खुलासा हुआ है कि लोक कल्याण मार्ग पर राहुल गांधी के इस अचानक धरने की पटकथा कैसे और किस गोपनीयता के साथ लिखी गई थी।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, इस पूरे प्रदर्शन को पूरी तरह से गुप्त रखा गया था। अगर इसकी भनक ज़रा भी बाहर निकलती, तो दिल्ली पुलिस पहले ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर देती और नेताओं को PM आवास की तरफ बढ़ने भी नहीं देती।

  • सांसदों को मिला यह संदेश: सभी कांग्रेस सांसदों को दोपहर में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर पहुँचने के लिए कहा गया था। बहाना था—’खड़गे जी को जन्मदिन की बधाई देना’।
  • अचानक बदला प्लान: बेखबर सांसद जब खड़गे के आवास पहुँचे, तो दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अचानक 500 मीटर दूर स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग (PM आवास) के गेट की ओर पैदल ही बढ़ने लगे।
  • सांसदों को तुरंत राहुल और प्रियंका का अनुसरण करने को कहा गया। जैसे ही यह खबर फैली, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी नेता भी मौके पर पहुँच गए।

पुलिस द्वारा बल-प्रयोग कर हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया था, जहाँ से अब उन्हें रिहा कर दिया गया है।

रिहाई के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला।

प्रियंका गांधी का बयान: “कल छात्रों के साथ जैसी बर्बरता की गई, वह पूरी तरह गलत थी। ये हमारे बच्चे हैं, देश का भविष्य हैं। हम संसद में फिर से छात्रों के मुद्दे को पूरी ताकत से उठाएंगे। जब भी हम संसद में बच्चों के भविष्य से जुड़े ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा मांगते हैं, तो सरकार ध्यान भटकाने के लिए ‘वंदे मातरम’ के सम्मान पर चर्चा करने लगती है। ‘वंदे मातरम’ का असली मतलब हमारी मातृभूमि की इज़्ज़त है, और मातृभूमि की इज़्ज़त तभी रहेगी जब हम अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करेंगे।”

Related Articles

Back to top button