NEET Next Exam: अब पेन-पेपर नहीं, कंप्यूटर पर होगा अगला नीट एग्जाम; ‘रक्षक ही भक्षक’ बनने पर बोले शिक्षा मंत्री

NEET परीक्षा में हुए विवादों और पेपर लीक की घटनाओं के बाद अब केंद्र सरकार पूरे सिस्टम को बदलने (Game Overhaul) की तैयारी में है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बड़ा एलान करते हुए साफ कर दिया है कि NEET का अगला पेपर पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड (Computer-Based Test) होगा।
शिक्षा मंत्री ने बेबाकी से स्वीकार किया कि व्यवस्था के कुछ ‘रक्षक ही भक्षक’ बन गए थे, जिसकी वजह से यह संकट खड़ा हुआ। उन्होंने साफ कहा कि अब सिर्फ नियम बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरा गेम ही बदलना होगा।
1. ‘पेन-पेपर’ का खेल खत्म, अब कंप्यूटर पर होगा NEET!
भविष्य में होने वाली NEET परीक्षाओं में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए सरकार ने डिजिटल रूट अपनाने का फैसला किया है।
- नया फॉर्मेट: अगली NEET परीक्षा कंप्यूटराइज्ड मोड में आयोजित की जाएगी। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्था पर काम शुरू हो चुका है।
- पारदर्शी सिस्टम: शिक्षा मंत्री ने कहा कि समाज के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और अनुभवी प्रशासकों के सुझावों के आधार पर अब देश को एक पूरी तरह पारदर्शी डिजिटल शिक्षा प्रणाली की ओर बढ़ना ही होगा।
2. “दावा नहीं कर सकता कि पेपर लीक दोबारा नहीं होगा, लेकिन…”
जब शिक्षा मंत्री से पूछा गया कि छात्र यह कैसे मान लें कि आगे पेपर लीक नहीं होगा, तो उन्होंने बेहद व्यावहारिक जवाब दिया:
“मैं यह दावा नहीं कर सकता कि पेपर लीक दोबारा कभी नहीं होगा। मेरी जिम्मेदारी इसे सही ढंग से आयोजित कराने की है। इस बार शिक्षा के कुछ ‘रक्षक ही भक्षक’ बन गए थे, जिसके कारण यह गड़बड़ी हुई। लेकिन अब सॉल्वर गैंग के पैटर्न को क्रैक कर लिया गया है।”
3. NTA को क्लीन चिट? CBI जांच के बाद होगी अंतिम कार्रवाई
पेपर लीक मामले में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की भूमिका पर बोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा:
- फिलहाल NTA के स्तर से कोई गड़बड़ी नहीं दिखी है, वे अपना काम बेहतर तरीके से कर रहे हैं।
- मामले की गहराई से जांच CBI कर रही है।
- अगर सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट में NTA के किसी भी अधिकारी की संलिप्तता या मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
4. CBSE की ‘जल्दबाजी’ और कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा पर भी कड़ा रुख
इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दो अन्य बड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी
- CBSE पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) विवाद: मंत्री ने माना कि इस बार 17 लाख छात्रों के री-इवैल्यूएशन को लेकर CBSE ने जो नई प्रक्रिया अपनाई, वह जल्दबाजी में ली गई थी जिससे छात्रों को परेशानी हुई। हालांकि, अब 88% से अधिक छात्रों की समस्याओं को सुलझा लिया गया है।
- कोचिंग सेंटर्स में आग (Lucknow Fire Incident): लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी आग को एक गंभीर विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही गाइडलाइंस जारी की हैं। अब राज्य सरकारों को सख्त एक्ट बनाकर इसे लागू करना होगा ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मिनटों की देरी पर नो-एंट्री क्यों?
परीक्षा केंद्रों पर चंद मिनट की देरी से पहुंचे छात्रों को एंट्री न मिलने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने दोटूक कहा कि एडमिट कार्ड पर प्रवेश का समय (1:30 बजे तक) स्पष्ट लिखा होता है। एक पारदर्शी और अनुशासित परीक्षा के लिए डेडलाइन (Deadline) का पालन करना बेहद जरूरी है, हालांकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों को और बेहतर ढंग से मैनेज करने की कोशिश की जाएगी।



