क्या यूपी में शुरू होगा Gen-Z आंदोलन 2.0?

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर संभावित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कहना है कि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रहा है। इस बीच यूनिवर्सिटी से जुड़े छात्रों का विरोध-प्रदर्शन भी जारी है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय रामपुर पहुंचे और कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही। इस दौरान अजय राय समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के परिवार से भी मुलाकात करेंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए और सरकार को इस मामले में संतुलित रवैया अपनाना चाहिए।
स्वामी प्रसाद मौर्य का प्रदर्शन
पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी इस मुद्दे को लेकर लखनऊ में अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया और जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग की।
समाजवादी पार्टी पहले से सक्रिय
समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर पहले से ही सक्रिय है। पार्टी अपने विधायकों और सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को रामपुर भेज चुकी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी लगातार सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का विरोध करेंगे।
बीजेपी का जवाब
बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह कानून के अनुसार काम कर रहा है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो कानूनी कार्रवाई होना स्वाभाविक है और इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
छात्रों का विरोध जारी
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन भी जारी है। छात्र प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, यह कहना कि यह आंदोलन “Gen-Z आंदोलन 2.0” बनने जा रहा है, फिलहाल एक राजनीतिक अटकल है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह विरोध किस स्तर तक पहुंचेगा। आने वाले दिनों में सरकार, प्रशासन और विपक्ष के अगले कदम इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।



