Tomato Price Hike: टमाटर ने बिगाड़ा किचन का बजट, अगस्त तक राहत के आसार कम

जुबिली स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली। देशभर में टमाटर की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। हीटवेव, मानसून की देरी और प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल को हुए नुकसान ने बाजार में सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि टमाटर के दामों में यह तेजी अगस्त तक जारी रह सकती है।
क्यों महंगा हुआ टमाटर?
महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में भीषण गर्मी और असामान्य मौसम के कारण टमाटर की फसल प्रभावित हुई है। इन राज्यों से देश के कई हिस्सों में सप्लाई होती है, लेकिन उत्पादन में कमी के चलते बाजार में आवक घट गई है। यही वजह है कि कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
महंगाई पर बढ़ा दबाव
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, टमाटर की महंगाई दर मई में 48% से ज्यादा रही, जिसने खाद्य महंगाई को भी बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टमाटर की औसत खुदरा कीमत सालाना आधार पर 50% से अधिक बढ़कर 35-40 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है। इसका सीधा असर घर के खाने की लागत पर पड़ रहा है।
अगस्त तक रह सकते हैं ऊंचे दाम
विशेषज्ञों का कहना है कि जून से अगस्त के बीच टमाटर की नई फसल की आवक सीमित रहती है। ऐसे में सप्लाई की कमी बनी रहती है, जिससे कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। हालांकि, कृषि मंत्रालय ने इस साल उत्पादन में वृद्धि का अनुमान जताया है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के चलते तत्काल राहत मिलना मुश्किल दिख रहा है।
होटल और कारोबार पर असर
टमाटर की बढ़ती कीमतों का असर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर भी साफ दिख रहा है। कई जगहों पर टमाटर आधारित व्यंजनों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी है, जबकि कुछ जगहों पर इसके उपयोग में कटौती की जा रही है। वहीं, निर्यात कारोबार भी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि विदेशी खरीदार अब सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है महंगाई
विशेषज्ञों की मानें तो मौसम से जुड़ी चुनौतियां बनी रहीं तो अन्य सब्जियों की कीमतों में भी उछाल आ सकता है। ऐसे में आम लोगों को आने वाले महीनों में और ज्यादा खर्च उठाना पड़ सकता है।



