मिडिल ईस्ट में महाविनाश की आहट! बहरीन में गूंजे एयर रेड सायरन, ईरान ने अमेरिकी एयरबेस को दहलाया, ‘होर्मुज’ में ब्लैकआउट

  • बहरीन में हड़कंप: ईरानी हमले के बाद बहरीन के साखिर एयरबेस (Sakhir Airbase) पर मची खलबली, लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने के निर्देश।
  • रणनीतिक ब्लैकआउट: अमेरिकी एयरस्ट्राइक से दक्षिणी ईरान की बत्ती गुल, बिजली ग्रिड और एयरपोर्ट्स को बनाया निशाना।
  • विंडफॉल टैक्स का असर: भारत सहित दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, केंद्र सरकार ने बढ़ाया डीजल-ATF पर टैक्स।

तेहरान/मनामा। पश्चिम एशिया (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। खाड़ी क्षेत्र में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि आज बहरीन के आसमान में युद्ध के ‘एयर रेड सायरन’ (Air Raid Sirens) गूंज उठे, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया। ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बेहद घातक हमला कर वहां खड़े लड़ाकू विमानों को तबाह कर दिया है।

दूसरी ओर, अमेरिका ने भी पलटवार करते हुए ईरान के ऊर्जा ठिकानों और एयरपोर्ट्स पर बमबारी की है, जिससे दक्षिणी ईरान के बड़े हिस्से में ब्लैकआउट (बिजली ठप) हो गया है।

ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ के मुताबिक, ईरानी सेना ने बहरीन के साखिर एयरबेस (Sakhir Airbase) पर मौजूद अमेरिकी सेना के टोही विमानों और खतरनाक हेलीकॉप्टरों को टारगेट किया है। हमले के तुरंत बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने देश में इमरजेंसी सायरन बजाकर लोगों से पैनिक न होने और तुरंत निकटतम बंकरों या सुरक्षित स्थानों पर छिपने की अपील की है।

ईरान के इस दुस्साहस का जवाब अमेरिका ने बेहद खौफनाक अंदाज में दिया है। अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान के प्रमुख एयरपोर्ट्स और रेलवे नेटवर्क को मलबे में तब्दील करना शुरू कर दिया है…

  • इरानशहर एयरपोर्ट (Iranshahr Airport): अमेरिकी मिसाइलों ने इस रणनीतिक एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।
  • रेलवे और पुल तबाह: बंदर अब्बास के पास रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और खामिर बंदरगाह के पास दो रणनीतिक पुलों को उड़ा दिया गया है, जिसमें कई नागरिकों की मौत की खबर है।
  • बिजली संकट: नोबोनयाद-1 और बंदर अब्बास के रिहायशी इलाकों में अमेरिकी बमबारी के बाद बिजली ग्रिड फेल हो गए हैं। ईरानी ऊर्जा मंत्रालय ने लोगों से पीक आवर्स में बिजली न इस्तेमाल करने की इमरजेंसी अपील जारी की है।

दुनिया के 20% कच्चे तेल की सप्लाई करने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) और उसके पास स्थित ‘सिरिक’ शहर पर लगातार दूसरे दिन अमेरिका की ओर से भीषण गोलाबारी जारी है। इस युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही हैं।

भारत पर सीधा असर: ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम बढ़ने के तुरंत बाद भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए घरेलू स्तर पर डीजल और एटीएफ (Aviation Turbine Fuel) पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर आने वाले दिनों में आम जनता की जेब और हवाई सफर पर देखने को मिल सकता है।

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