बिहार में ‘सम्राट’ का राज: तेजस्वी का तीखा तंज- ‘प्रतिज्ञा पूरी हुई, सिलेक्टेड CM को बधाई

पटना: बिहार की सियासत में आज एक नया इतिहास रच दिया गया। भाजपा के फायरब्रांड नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इसके साथ ही बिहार में पहली बार भाजपा की अगुवाई वाली सरकार का आगाज हो गया है। लेकिन, इस शपथ ग्रहण के साथ ही जुबानी जंग भी तेज हो गई है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को बधाई तो दी, लेकिन शुभकामनाओं के साथ तंज के ऐसे तीर छोड़े जिसने सियासी पारे को गरमा दिया है।
‘प्रतिज्ञा’ पूरी होने पर बधाई और ‘सिलेक्टेड’ पर तंज
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सम्राट चौधरी की उस चर्चित प्रतिज्ञा का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को सत्ता से बेदखल करने तक मुरैठा (पगड़ी) न खोलने की कसम खाई थी।
तेजस्वी ने लिखा:
“सम्राट चौधरी जी द्वारा आज इलेक्टेड मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को गद्दी से उतारने की अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण करने पर बधाई और सिलेक्टेड मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं।”
तेजस्वी का यह ‘सिलेक्टेड बनाम इलेक्टेड’ वाला तंज सीधे तौर पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के फैसले और नीतीश कुमार की विदाई की ओर इशारा था।
नीति आयोग की रिपोर्ट और विकास का आइना
तेजस्वी यादव ने केवल तंज ही नहीं कसा, बल्कि आंकड़ों के जरिए नई सरकार को घेरने की कोशिश भी की। उन्होंने याद दिलाया कि 21 वर्षों के NDA शासन के बावजूद बिहार कई मानकों पर पिछड़ा हुआ है। उन्होंने नई सरकार से उम्मीद जताई कि वह निम्नलिखित मुद्दों पर काम करेगी:
- शिक्षा और स्वास्थ्य: राष्ट्रीय औसत से पीछे चल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार।
- पलायन और बेरोजगारी: राज्य में आय, निवेश और नौकरी-रोजगार के अवसर बढ़ाना।
- कानून व्यवस्था: ध्वस्त हो चुकी विधि व्यवस्था को पटरी पर लाना।
तेजस्वी ने दो टूक शब्दों में कहा कि आशा है नए मुख्यमंत्री “बाहरियों (दिल्ली)” के दिशा-निर्देशों के आगे बिहारियों के स्वाभिमान को गिरवी नहीं रखेंगे।
समाजवादी अतीत की दिलाई याद
सम्राट चौधरी के राजनीतिक सफर की शुरुआत लालू प्रसाद यादव की पाठशाला (RJD) से हुई थी। तेजस्वी ने उनके इसी ‘समाजवादी अतीत’ का जिक्र करते हुए लिखा कि शुरुआत से समाजवादी रहे सम्राट चौधरी अब बिहार की उन्नति और सौहार्द के लिए संकल्पित होकर काम करेंगे।
सम्राट के सामने चुनौतियां
सम्राट चौधरी के लिए यह जीत जितनी बड़ी है, चुनौतियां उतनी ही कठिन। उन्हें न केवल भाजपा के कोर एजेंडे को लागू करना है, बल्कि तेजस्वी द्वारा उठाए गए ‘रोजगार’ और ‘विकास’ के सवालों का जवाब भी जमीन पर देना होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है: तेजस्वी यादव ने ‘सिलेक्टेड’ शब्द का इस्तेमाल कर सम्राट चौधरी की स्वायत्तता पर सवाल उठाया है, जिससे आने वाले दिनों में बिहार विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिल सकता है।


