अयोध्या राम मंदिर दान मामले में SIT ने सौंपी रिपोर्ट, कई लोगों पर कार्रवाई के संकेत

अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चल रही जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।

SIT ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी। रिपोर्ट सौंपने के बाद SIT अध्यक्ष और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने कहा कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और इसकी जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है।

सूत्रों के मुताबिक, SIT की शुरुआती जांच में मंदिर में आने वाली दान राशि की गणना, निगरानी व्यवस्था और उससे जुड़े कर्मचारियों की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।

जांच टीम ने गणना कर्मियों के चयन, उनकी नियुक्ति प्रक्रिया और कुछ कर्मचारियों के मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के संबंधों की भी पड़ताल की है। सूत्रों का दावा है कि कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश भी की गई है।

सूत्रों के अनुसार SIT की रिपोर्ट करीब 150 पेज की है, जिसमें लगभग 150 लोगों से की गई पूछताछ का विवरण शामिल है। टीम ने पिछले कई वर्षों में मंदिर को मिले दान और उसके प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की है।

बताया जा रहा है कि SIT ने पिछले पांच वर्षों में मिले दान का विस्तृत ऑडिट कराने की सिफारिश की है, ताकि किसी भी संभावित अनियमितता की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

ट्रस्ट व्यवस्था में बदलाव की सिफारिश?

सूत्रों के मुताबिक, SIT ने अपनी रिपोर्ट में मंदिर की आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई सुझाव दिए हैं। इनमें प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने, कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और व्यवस्था की जिम्मेदारी के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की नियुक्ति जैसे सुझाव शामिल हैं।

रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन और विस्तृत जांच के लिए SIT को अतिरिक्त समय देने की मांग की बात भी सामने आई है।

सरकार की ओर से साफ किया गया है कि SIT की यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई स्तरों पर पड़ताल की जाएगी।

SIT ने पिछले दिनों कई लोगों से पूछताछ की, दस्तावेजों की जांच की और मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अब प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी।

SIT की सिफारिशों पर अंतिम निर्णय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे एफआईआर, प्रशासनिक कार्रवाई या व्यवस्था में बदलाव जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

अयोध्या राम मंदिर से जुड़ा यह मामला धार्मिक और राजनीतिक दोनों लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम और SIT की विस्तृत जांच रिपोर्ट पर है।

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