सना मलिक के बयान से गरमाई सियासत, बीजेपी नेताओं ने खोला मोर्चा

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधायक सना मलिक के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सना मलिक के ट्रिपल तलाक और कुरान के आधार पर कानून लागू करने वाले बयान पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में बहस तेज हो गई है।
सना मलिक ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) पर चर्चा के दौरान कहा था कि इस्लाम में कुरान में कही गई बातों का पालन किया जाता है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वहां कुरान से जुड़े नियमों को लेकर कोई कानून बनाया गया है तो भारत में भी इस तरह की मांग की जा सकती है।
बीजेपी ने साधा निशाना, कहा- देश संविधान से चलता है
सना मलिक के बयान पर बीजेपी नेताओं ने पलटवार किया। बीजेपी विधायक Manisha Chaudhary ने कहा कि भारत का शासन संविधान के अनुसार चलता है, किसी धार्मिक ग्रंथ के आधार पर नहीं।
उन्होंने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था संविधान से संचालित होती है और कानून बनाने का आधार संवैधानिक व्यवस्था होनी चाहिए।
शायना एनसी ने भी जताई आपत्ति
शिवसेना नेता Shaina NC ने भी सना मलिक के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार ने तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में कदम उठाया, वहीं दूसरी ओर ऐसे बयान सामने आ रहे हैं जिनसे महिलाओं के अधिकारों पर बहस खड़ी होती है।
उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर कहा कि महिलाओं के अधिकार और समानता के मुद्दे पर सुधार जरूरी हैं।
‘महिलाओं के अधिकारों पर होना चाहिए ध्यान’
शायना एनसी ने कहा कि धार्मिक आस्था अलग विषय है, लेकिन शादी, तलाक और विरासत जैसे मामलों में महिलाओं के अधिकार और न्याय सुनिश्चित होना चाहिए।
उन्होंने बहुविवाह जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आधुनिक समाज में महिलाओं के सम्मान और समानता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
नितेश राणे बोले- संविधान सर्वोपरि
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री Nitesh Rane ने भी सना मलिक के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का विरोध करने का मतलब शरिया कानून की मांग करना है, जिसके लिए भारत में जगह नहीं है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता का पालन संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है।
विवाद बढ़ने के बाद सना मलिक ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद सना मलिक ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी बात का संदर्भ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और UCC पर चर्चा के दौरान दिए गए उदाहरणों से था।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों पर चर्चा होनी चाहिए और किसी भी धर्म या समुदाय को सीधे तौर पर इससे नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
सना मलिक ने कहा कि उन्होंने केवल पाकिस्तान के उदाहरण पर सवाल उठाया था और उनका उद्देश्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं था।
UCC को लेकर फिर तेज हुई बहस
सना मलिक के बयान के बाद महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता, मुस्लिम पर्सनल लॉ और महिलाओं के अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी सियासी चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।



