राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: गोविंद देव गिरी बोले- चंपत राय को पहले ही मिल गई थी चोरी की जानकारी

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बड़ा दावा किया है। एबीपी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मामला सामने आने से पहले ही तत्कालीन महासचिव चंपत राय को कथित चोरी की जानकारी मिल गई थी।
हालांकि, उन्होंने किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन संकेत दिया कि सोशल मीडिया पर मामला सार्वजनिक होने से पहले ही ट्रस्ट के शीर्ष स्तर पर इसकी जानकारी पहुंच चुकी थी।
‘चंपत राय निष्कलंक हैं, गलत लोगों पर किया भरोसा’
गोविंद देव गिरी ने बातचीत में चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि वे श्रेष्ठ और निष्कलंक व्यक्ति हैं। उनके अनुसार, चंपत राय ने किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं की, बल्कि उन्होंने गलत लोगों पर भरोसा किया और उनके सहयोगियों ने ही उनके विश्वास को तोड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय के व्यक्तित्व का ‘मैं’ (अहं) भी इस पूरे घटनाक्रम का एक कारण रहा। हालांकि, उन्होंने बार-बार यह भी दोहराया कि चंपत राय की नीयत पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
इस्तीफे के सवाल पर भड़के गोविंद देव गिरी
जब गोविंद देव गिरी से पूछा गया कि क्या इस पूरे मामले में उनकी भी कोई जिम्मेदारी बनती है और क्या वे इस्तीफा देंगे, तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं इस्तीफा क्यों दूं?”
बताया गया कि इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मियों ने साक्षात्कार रोकने की कोशिश की। वहीं, गोविंद देव गिरी ने एबीपी न्यूज़ का माइक आईडी हटाने का भी प्रयास किया।
‘हुंडियों की गिनती में मेरी कोई भूमिका नहीं’
बाद में गोविंद देव गिरी ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि राम मंदिर की हुंडियों में आने वाले चढ़ावे की गिनती में उनकी न पहले कोई भूमिका थी और न ही वर्तमान में है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच फिलहाल जारी है और इस संबंध में विशेष जांच दल (SIT) अपनी विस्तृत जांच कर रहा है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।



