अयातुल्लाह खामेनेई के अंतिम संस्कार में नहीं जा सकेंगे PM मोदी, जानिए कौन करेगा भारत का प्रतिनिधित्व

Highlights
- पीएम मोदी के पहले से तय विदेश दौरों के कारण भारत की ओर से जाएंगे दो खास प्रतिनिधि।
- बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा लेंगे हिस्सा।
- अमेरिकी-इजरायली हमले के 116 दिन बाद हो रहा है ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार।
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के राजकीय अंतिम संस्कार में भारत की ओर से शामिल होने वाले प्रतिनिधियों को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है।
ईरान ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता भेजा था, लेकिन पीएम मोदी अपने पूर्व निर्धारित इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे के चलते इसमें शिरकत नहीं कर सकेंगे।
ऐसे में भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर अहम फैसला लेते हुए बिहार के राज्यपाल और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (Syed Ata Hasnain) और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा (Pabitra Margherita) को भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है। यह दौरा भारत और ईरान के मजबूत कूटनीतिक, ऊर्जा और व्यापारिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
5 दिनों तक चलेगा राजकीय कार्यक्रम ईरान में 4 जुलाई से शुरू होने वाले ये राजकीय कार्यक्रम 5 दिनों तक चलेंगे।
- 4-5 जुलाई: तेहरान के इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में श्रद्धांजलि।
- 6-7 जुलाई: तेहरान और कोम (Qom) में अंतिम यात्रा।
- 9 जुलाई: पवित्र शहर मशहद में इमाम रजा दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा।
आपको बता दें कि 28 फरवरी को तेहरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में 86 वर्षीय खामेनेई की मौत हो गई थी। युद्ध के तनावपूर्ण हालातों के कारण करीब 116 दिन बाद उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है।



