क्या पार्टी फंड से खरीदे गए लग्जरी विमान? जानें ममता बनर्जी की पार्टी पर क्यों गिरी ईडी की गाज

जुबिली स्पेशल डेस्क
पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें अब सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत एक ऐतिहासिक और कड़ा एक्शन लेते हुए टीएमसी से जुड़े 3 बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया है। इन खातों में करीब 440 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जमा है, जिसे अब ब्लॉक कर दिया गया है।
प्राइवेट जेट और लग्जरी हेलीकॉप्टर की खरीद-फरोख्त में हुए कथित संदेहास्पद लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बाद जांच एजेंसी ने यह कदम उठाया है।
1. प्राइवेट जेट और अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर का ‘सीक्रेट कनेक्शन’
इस पूरे मामले में ईडी की कोलकाता में हुई ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी का शिकंजा मुख्य रूप से पार्टी फंड के जरिए खरीदे गए विमानों और हेलीकॉप्टरों पर कसा है।
- कोलकाता में ताबड़तोड़ रेड: ईडी ने बीते दिन कोलकाता में करीब 5 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें ‘केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज’ के ठिकाने भी शामिल हैं, जो ‘केयरवेल एविएशन’ के नाम से प्राइवेट जेट किराए पर देने का काम करती है।
- विदेशी फंडिंग का शक: जांच में सामने आया है कि इस बड़ी राशि में से 112 करोड़ रुपये ‘एम्ब्रेयर लिगेसी 600’ कॉरपोरेट विमान और ‘अगस्ता वेस्टलैंड 109एसपी’ हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए विदेशी पैसों का भी इस्तेमाल हुआ था।
2. ट्रांजैक्शन की क्रोनोलॉजी: ₹160 करोड़ का संदेहास्पद खेल?
ईडी की शुरुआती जांच में जो वित्तीय आंकड़े सामने आए हैं, वे टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हैं:
- अप्रैल 2023 से जून 2026: इस अवधि के दौरान टीएमसी के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये ‘केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ और उसकी सहयोगी यूनिट्स के खातों में ट्रांसफर किए गए।
- शेल कंपनियों का शक: इसके बाद इस एविएशन कंपनी ने 2023 से 2026 के बीच ₹82.96 करोड़ की एक और बड़ी राशि एक बिल्कुल नई कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दी।
- ईडी का दावा: जांच एजेंसी के मुताबिक, विमानों के इस्तेमाल के नाम पर करोड़ों रुपये का यह संदिग्ध लेन-देन असली मलाई खाने वाले चेहरों (Beneficiaries) को छिपाने के लिए बनाई गई एक ‘मुखौटा’ यानी शेल कंपनी की साजिश लगती है।
3. अपनों की बगावत से खुला टीएमसी का ‘पेंडोरा बॉक्स’
हैरानी की बात यह है कि यह पूरा मामला विपक्षी दलों के हमले से नहीं, बल्कि टीएमसी के अंदरूनी कलह और अपनों की बगावत के कारण उजागर हुआ है।
- बागी विधायकों की मांग: टीएमसी के बागी विधायकों ने पार्टी फंड में जमा पैसों के सोर्स की जांच कराने की मांग उठाई थी।
- पुलिस एक्शन और हाई कोर्ट: इस शिकायत के बाद पहले कोलकाता पुलिस ने टीएमसी के इन 3 बैंक खातों से वित्तीय लेनदेन और पैसों की निकासी पर रोक लगाई थी। पुलिस के इस फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट कलकत्ता हाई कोर्ट भी पहुंचा था, लेकिन अब ईडी की इस एंट्री ने ममता बनर्जी की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।


