UP में बिजली बिल को लेकर बड़ा फैसला, अतिरिक्त वसूली को लेकर बड़ा फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। बिजली नियामक आयोग ने जून महीने के बिजली बिलों में की गई अतिरिक्त वसूली को गलत ठहराते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि उपभोक्ताओं से की गई यह अतिरिक्त वसूली नियमों के अनुरूप नहीं थी।
आयोग ने अपने फैसले में पावर कॉरपोरेशन के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद यह भी माना कि पिछले वर्ष अप्रैल से की जा रही अतिरिक्त वसूली भी उचित नहीं थी। इससे बिजली उपभोक्ताओं के पक्ष को मजबूती मिली है।
जुलाई की प्रस्तावित 10 प्रतिशत वसूली पर भी असर
नियामक आयोग के फैसले के बाद जुलाई महीने में प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली स्वतः निरस्त मानी जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अगले महीने बिजली बिल में अतिरिक्त वित्तीय बोझ से राहत मिलने की संभावना है।
लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
इस फैसले का फायदा प्रदेश भर के घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को मिल सकता है। लंबे समय से अतिरिक्त वसूली को लेकर उपभोक्ता संगठन और विभिन्न मंच सवाल उठा रहे थे, जिसके बाद मामला आयोग तक पहुंचा था।
पावर कॉरपोरेशन को झटका
आयोग के फैसले को पावर कॉरपोरेशन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब कॉरपोरेशन को आयोग के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पूर्व में हुई अतिरिक्त वसूली को लेकर क्या व्यवस्था बनाई जाती है।
बिजली उपभोक्ता संगठनों ने आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए इसे उपभोक्ताओं के हित में बताया है। आने वाले दिनों में आयोग के विस्तृत आदेश के बाद इस मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।



