Iran Supreme Leader Funeral: खामेनेई के जनाजे में गूंजी डोनाल्ड ट्रंप को मारने की मांग! लाखों की भीड़ के सामने कवि ने पूछा- ‘वो घटिया आदमी अब तक जिंदा क्यों है?’

जुबिली स्पेशल डेस्क
- ट्रंप की मौत का फरमान: खामेनेई के जनाजे में लाउडस्पीकर से ‘इमाम को मारने वाले’ डोनाल्ड ट्रंप की मौत की मांग उठी।
- शांति वार्ता पर संकट: एक तरफ अमेरिका से युद्ध रोकने की बातचीत और दूसरी तरफ तेहरान में भड़काऊ बयानबाजी ने राजनयिकों को उलझाया।
- बैनर और ग्रैफिटी: पूरे तेहरान में ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या की वकालत करने वाले पोस्टर लगाए गए।
- ट्रंप का जवाबी बयान: अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा- “हमने ईरान की सेना को खत्म कर दिया।”
ईरान के मृत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार (नमाज-ए-जनाजा) के दौरान तेहरान की सड़कों पर भयंकर आक्रोश देखने को मिला। लाखों की संख्या में जुटे शोक संतप्त ईरानियों के बीच सरेआम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या की मांग की गई।
चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप की मौत की यह सार्वजनिक मांग ठीक उस समय आई है, जब तेहरान और वाशिंगटन (अमेरिका) के बीच पर्दे के पीछे उस युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने की गुप्त बातचीत चल रही है, जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Global Energy Supply) को ठप कर दिया है।
लाउडस्पीकर पर पूछा गया- ‘दुनिया का सबसे घटिया आदमी जिंदा क्यों है?’
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला में अंतिम संस्कार के दौरान मशहूर कवि मोहम्मद रसूली ने लाउडस्पीकर संभाला। उन्होंने सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना भीड़ से एक तीखा सवाल पूछा, “दुनिया का सबसे घटिया आदमी अभी भी जिंदा क्यों है?”
इस सवाल के गूंजते ही लाखों की भीड़ ने “अमेरिका की मौत!” और “इजराइल की मौत!” के गगनभेदी नारे लगाए। रसूली ने आगे कहा कि “दुनिया अब ट्रंप के लिए सुरक्षित जगह नहीं रही”, जिसके बाद वहां मौजूद लाखों लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर इस बयान का समर्थन किया।
97 साल के शिया धर्मगुरु ने पढ़ाई नमाज
इस ऐतिहासिक जनसैलाब के बीच 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जफर सोभानी ने अली खामेनेई और उनके परिवार के लिए जनाजे की नमाज पढ़ाई। मंच पर ईरान की पूरी राजनीतिक और सैन्य लीडरशिप मौजूद थी, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ, और कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी शामिल थे। खामेनेई के तीन बेटे (मसूद, मेसम और मुस्तफा) भी 28 फरवरी के बाद पहली बार दुनिया के सामने आए।
लेकिन, ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई इस जनाजे से भी नदारद रहे। माना जा रहा है कि पिता की मौत वाले एयरस्ट्राइक में गंभीर रूप से घायल होने के बाद वे इज़राइली ‘किलर ड्रोन’ के डर से किसी सीक्रेट बंकर में छिपे हुए हैं।
वाशिंगटन से ट्रंप की हुंकार- ‘हमने ईरान को खत्म कर दिया’
एक तरफ तेहरान में ट्रंप की मौत के नारे लग रहे थे, तो दूसरी तरफ वाशिंगटन में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं सालगिरह के मौके पर डोनाल्ड ट्रंप मंच से दहाड़ रहे थे। ट्रंप ने हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को सराहते हुए कहा…
“हमें जबरदस्त सफलता मिली है. आप वेनेजुएला को देखें, आप ईरान को देखें. हमने इसे खत्म कर दिया, हमने उनकी सेना को नेस्तनाबूद कर दिया.”
गौरतलब है कि साल 2020 में ट्रंप के आदेश पर कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से ही ईरान लगातार ट्रंप को निशाने पर रखता आया है। हालांकि ईरान ने आधिकारिक रूप से किसी भी तरह की हत्या की साजिश से इनकार किया है, लेकिन 28 फरवरी को 86 साल की उम्र में अली खामेनेई की एयरस्ट्राइक में हुई मौत के बाद यह कड़वाहट और ज्यादा बढ़ गई है। इस अंतिम संस्कार और भड़काऊ बयानबाजी के बाद अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पूरी तरह खटाई में पड़ती नजर आ रही है।


