क्लब फुटबॉल में ‘हिट’ पर विश्व कप में ‘फिसड्डी’… क्यों देश के लिए फीका रह गया रोनाल्डो का जादू?

स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ-16 में मिली दर्दनाक हार के साथ ही दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो और पुर्तगाल का फीफा विश्व कप 2026 का सफर खत्म हो गया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने मैच से पहले ही साफ कर दिया था कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा। दुनिया भर के करोड़ों फैंस का सपना था कि फुटबॉल का यह ‘किंग’ विश्व कप ट्रॉफी के साथ विदा हो, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

इस हार के बाद इंटरनेट पर एक बार फिर लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो में से कौन G.O.A.T (Greatest Of All Time) है, इसकी बहस छिड़ गई है। सवाल उठाया जा रहा है कि क्या वर्ल्ड कप न जीत पाने से रोनाल्डो की महानता कम हो जाएगी? लेकिन अगर हम आंकड़ों और इतिहास को देखें, तो जवाब है-कतई नहीं।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो की महानता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके आने से पहले पुर्तगाल की टीम फुटबॉल की दुनिया में एक साधारण टीम मानी जाती थी। रोनाल्डो ने अकेले दम पर पुर्तगाल को उस मुकाम पर पहुंचाया, जहां वह पहले कभी नहीं था।

कालखंड (Era)पुर्तगाल का प्रदर्शन (Performance)बड़े खिताब (Major Trophies)
रोनाल्डो से पहले (75 वर्ष)0 बड़े खिताबकोई नहीं
रोनाल्डो के साथ (22 वर्ष)3 बड़े खिताबयूरो 2016, नेशंस लीग 2019, नेशंस लीग 2025

हार के बाद खुद रोनाल्डो ने कहा:

“मैंने पुर्तगाल के लिए तीन खिताब जीते हैं। मेरे आने से पहले पुर्तगाल ने एक भी बड़ा खिताब नहीं जीता था। इसलिए, मेरे लिए 2016 की यूरोपीय चैंपियनशिप (Euro) जीतना किसी विश्व कप जीतने जितना ही बड़ा है।”

भले ही रोनाल्डो के हाथ में चमचमाती वर्ल्ड कप ट्रॉफी न आई हो, लेकिन उन्होंने इस टूर्नामेंट में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसे तोड़ना नामुमकिन के बराबर है। साल 2006 में जर्मनी से शुरू हुआ उनका सफर 2026 में आकर थमा। इस दौरान उन्होंने 6 अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में कम से कम एक गोल करने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बनने का विश्व रिकॉर्ड बनाया। 2026 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में उज्बेकिस्तान के खिलाफ किया गया उनका गोल इस ऐतिहासिक पल का गवाह बना।

उन्होंने अपने विश्व कप करियर में कुल 27 मैच खेले (इतिहास में दूसरे सबसे ज्यादा) और 11 गोल दागे।

  • स्पेन (3 गोल): 2018 विश्व कप के ग्रुप चरण में ऐतिहासिक हैट्रिक।
  • घाना (2 गोल): 2014 में 1 गोल और 2022 में 1 गोल।
  • उज्बेकिस्तान (2 गोल): 2026 विश्व कप के ग्रुप चरण में दोनों गोल।
  • इरान (1 गोल): 2006 विश्व कप में पेनल्टी के जरिए पहला विश्व कप गोल।
  • उत्तर कोरिया (1 गोल): 2010 विश्व कप में किया गया गोल।
  • मोरक्को (1 गोल): 2018 विश्व कप में दागा।
  • क्रोएशिया (1 गोल): 2026 के राउंड ऑफ-32 में पेनल्टी के जरिए आया, जो उनके विश्व कप करियर के नॉकआउट चरण का पहला गोल था।

फैंस के लिए राहत की बात यह है कि रोनाल्डो अभी तुरंत फुटबॉल को अलविदा नहीं कह रहे हैं। मैच के बाद उन्होंने इमोशनल होते हुए कहा:

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का सफर हमें सिखाता है कि महानता केवल इस बात से तय नहीं होती कि आपकी कैबिनेट में कौन सी ट्रॉफी है, बल्कि इस बात से तय होती है कि आपने अपनी विरासत से कितने लोगों को प्रेरित किया है। रोनाल्डो ने पुर्तगाल को फुटबॉल का पावरहाउस बनाया और यही उनका सबसे बड़ा ‘वर्ल्ड कप’ है।

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