ग्रेटा थनबर्ग ने भारतीय छात्रों के NEET आंदोलन का किया समर्थन, बोलीं- ‘आप सभी पर दुनिया को गर्व है’

नई दिल्ली/लंदन: विश्व प्रसिद्ध स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भारत में NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चले 36 दिवसीय छात्र आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर दुनिया के सामने जनशक्ति की एक मिसाल पेश की है।
लंदन में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) द्वारा आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि भारतीय छात्रों का आंदोलन केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
‘भारतीय छात्रों पर हम सभी को गर्व है’
अपने संबोधन में ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि भारतीय छात्रों ने जिस एकजुटता, साहस और दृढ़ता के साथ अपनी मांगों को उठाया, वह लोकतांत्रिक आंदोलनों की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “भारतीय छात्रों पर हम सभी को गर्व है।”
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने यह दिखाया है कि जब युवा एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हैं, तो उनकी आवाज वैश्विक स्तर पर भी सुनी जाती है।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों के अधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
36 दिनों तक चला था आंदोलन
NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्रों ने 36 दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया और परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा जवाबदेही की मांग उठाई।
ग्रेटा थनबर्ग के समर्थन के बाद भारतीय छात्र आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई चर्चा मिल गई है।



