मिडिल ईस्ट तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच निवेशकों ने बिकवाली का रुख अपनाया, जिससे बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 606.04 अंक टूटकर 76,963.35 पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 167 अंक की गिरावट के साथ 24,039 के स्तर पर कारोबार शुरू करता दिखा।
ट्रेंट के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट
कारोबार के शुरुआती घंटों में सबसे ज्यादा दबाव ट्रेंट लिमिटेड के शेयरों पर देखने को मिला। कंपनी के पहली तिमाही के कमजोर कारोबारी नतीजों के बाद शेयर में 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। कमजोर आय और निवेशकों की बिकवाली ने स्टॉक पर दबाव बढ़ा दिया।
एशियाई बाजारों पर भी तनाव का असर
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि अन्य प्रमुख एशियाई बाजारों में भी उतार-चढ़ाव का माहौल रहा। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिकी बाजारों में भी दबाव
ईरान की ओर से अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की खबरों के बाद अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। डाउ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में शुरुआती गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे।
कच्चे तेल में 4% से ज्यादा उछाल
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 4.4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 74 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता दिखा। घरेलू वायदा बाजार में भी क्रूड ऑयल की कीमतों में मजबूत तेजी दर्ज की गई।
डॉलर मजबूत, रुपये पर दबाव
वैश्विक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली। डॉलर के मजबूत होने से उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना हुआ है। इसी क्रम में भारतीय रुपये पर भी दबाव देखा गया और पिछले कारोबारी सत्र में यह डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर बंद हुआ।



