WhatsApp का नया फीचर बना विवाद: सरकार ने Meta को क्यों भेजा नोटिस?

WhatsApp अपने 3 अरब से अधिक यूज़र्स के लिए एक नया यूज़रनेम फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिसे कंपनी प्राइवेसी के लिहाज़ से बड़ा बदलाव बता रही है। लेकिन भारत में इस फीचर को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसके बाद सरकार ने Meta (WhatsApp की पेरेंट कंपनी) को नोटिस जारी कर दिया है।
क्या है WhatsApp का नया यूज़रनेम फीचर?
नए फीचर के तहत यूज़र्स अपने अकाउंट के लिए एक यूनिक यूज़रनेम चुन सकेंगे। इसका सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि:
- लोगों को मैसेज करने के लिए अब फोन नंबर जरूरी नहीं होगा
- यूज़रनेम के जरिए बातचीत शुरू की जा सकेगी
- फोन नंबर की प्राइवेसी बेहतर होगी
WhatsApp का कहना है कि यह फीचर खास तौर पर नए लोगों से जुड़ने और ग्रुप चैट्स में सुरक्षित इंटरैक्शन के लिए बनाया गया है।
भारत सरकार ने क्यों उठाए सवाल?
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने Meta को इस फीचर पर नोटिस भेजा है और तीन दिनों के भीतर विस्तृत जानकारी मांगी है। साथ ही सरकार ने कहा है कि परामर्श पूरा होने तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए।
सरकार की चिंता मुख्य रूप से इन मुद्दों पर है:
- ऑनलाइन फ्रॉड और फिशिंग स्कैम बढ़ सकते हैं
- डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को बढ़ावा मिल सकता है
- फर्जी पहचान (fake identity) बनाना आसान हो सकता है
- यूज़र ट्रैकिंग और सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं
प्राइवेसी फीचर या नया खतरा?
WhatsApp का दावा है कि यह फीचर यूज़र्स की प्राइवेसी को मजबूत करेगा, क्योंकि अब:
- फोन नंबर छुपा रहेगा
- अनजान लोग सीधे नंबर तक नहीं पहुंच पाएंगे
- बातचीत सिर्फ यूज़रनेम के जरिए होगी
लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यही सुविधा गलत हाथों में जाने पर स्पैम और साइबर ठगी को आसान बना सकती है।
सरकार की चिंता का असली कारण क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे बड़े बाजार में WhatsApp पहले से ही डिजिटल स्कैम का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। ऐसे में:
- बिना नंबर वाले अकाउंट्स की पहचान मुश्किल हो सकती है
- धोखाधड़ी करने वालों को छिपने का नया तरीका मिल सकता है
- कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए ट्रैकिंग चुनौतीपूर्ण होगी
Meta का क्या कहना है?
WhatsApp का कहना है कि यह फीचर पूरी तरह यूज़र प्राइवेसी को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार:
- यूज़र्स को अपने फोन नंबर पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा
- अनजान लोगों से सुरक्षित तरीके से जुड़ने की सुविधा मिलेगी
- ग्रुप और कम्युनिटी चैट्स ज्यादा सुरक्षित होंगी
आगे क्या हो सकता है?
सरकार की समीक्षा और बातचीत के बाद ही यह तय होगा कि:
- यह फीचर भारत में कब लॉन्च होगा
- क्या इसमें कोई बदलाव किए जाएंगे
- या इसे फिलहाल रोक दिया जाएगा
निष्कर्ष
WhatsApp का नया यूज़रनेम फीचर एक तरफ डिजिटल प्राइवेसी को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है, तो दूसरी तरफ यह साइबर सुरक्षा के नए जोखिम भी पैदा कर सकता है। यही वजह है कि भारत सरकार ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाया है और Meta से जवाब मांगा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यह फीचर भारत में बिना बदलाव के लॉन्च होगा या फिर इसमें सुरक्षा के नए नियम जोड़े जाएंगे।



