अखिलेश का सरकार पर बड़ा हमला, “नेशन नहीं, डोनेशन फर्स्ट…”

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रयागराज में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि “रामनगरी में गोरखधंधा चल रहा है” और यह मामला आस्था से जुड़े बड़े सवाल खड़े करता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी पहले ही इस मुद्दे को सामने ला चुकी है और अब सामने आ रहे तथ्यों से यह स्पष्ट हो रहा है कि मंदिर से जुड़े मामलों में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “इनके लिए नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट है।”
आस्था बनाम सियासत का मुद्दा बना राम मंदिर विवाद
सपा प्रमुख ने कहा कि समाजवादी पार्टी सनातन धर्म का सम्मान करती है, लेकिन धर्म के नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता या “गोरखधंधा” स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पेपर लीक और युवाओं के भविष्य पर भी उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पेपर लीक जैसे मुद्दों पर बात नहीं होगी तो युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय होगा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में कई बार पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे छात्रों का भरोसा टूट रहा है।
आरक्षण और भर्ती प्रक्रिया पर आरोप
अखिलेश यादव ने 69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आरक्षण के नियमों का सही पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को निर्धारित प्रतिशत के अनुसार अवसर नहीं मिले, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।
सरकार से जवाबदेही की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े विवाद, भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। उन्होंने मांग की कि इन सभी मामलों की पारदर्शी जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां आस्था, युवाओं का भविष्य और सरकारी पारदर्शिता जैसे मुद्दे एक साथ केंद्र में आ गए हैं।


