US-Iran Deal: “एक भी डॉलर नहीं मिलेगा…” जेडी वेंस ने आलोचकों को चेताया, इजरायल की ‘घबराहट’ पर भी कसा तंज

अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते (MoU) के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) का पहला और बड़ा बयान सामने आया है। डील पर सवाल उठाने वाले आलोचकों और संशयवादियों को कड़ा जवाब देते हुए वेंस ने साफ कर दिया है कि यह समझौता अमेरिका के लिए ‘विन-विन सिचुएशन’ (दोनों हाथों में लड्डू) है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 60 दिनों की आधिकारिक अवधि (विंडो) अब से शुरू हो चुकी है।
वेंस का ‘नो बिहेवियर, नो मनी’ फॉर्मूला
जेडी वेंस ने उन आलोचकों को आड़े हाथों लिया जो मान रहे हैं कि ईरान कभी नहीं सुधरेगा। वेंस ने कड़े शब्दों में कहा:
“अगर ईरान अपना व्यवहार नहीं बदलता है, तो उसे अमेरिका से एक भी पैसा (फंड) नहीं मिलने वाला। अगर वे नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो उन्हें इस समझौते का कोई लाभ नहीं मिलेगा।”
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि अगर ईरान ने धोखा दिया, तब भी उसकी सेना और परमाणु कार्यक्रम बर्बाद ही रहेंगे। लेकिन अगर वे सुधरते हैं, तो पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के साथ उनके रिश्ते बदल जाएंगे। वेंस के मुताबिक, अमेरिका ने इस डील को इस तरह डिजाइन किया है कि वाशिंगटन हर हाल में फायदे में रहेगा।
होर्मुज स्ट्रेट खुला: रिकॉर्ड 12.5 मिलियन बैरल तेल रवाना
समझौते का जमीन पर असर दिखना शुरू हो गया है। वेंस ने इस बात पर खुशी जताई कि अमेरिकी नौसेना द्वारा नाकाबंदी हटाए जाने के बाद कल रात होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से 12.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल से भरे जहाज सुरक्षित गुजरे हैं।
- सुरक्षित कॉरिडोर: युद्ध शुरू होने के बाद से यह तेल का सबसे बड़ा मूवमेंट है और जहाजों पर कोई हमला नहीं हुआ।
- सस्ता हुआ क्रूड ऑयल: वेंस ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतें अब लगभग युद्ध-पूर्व (पहले के) स्तर पर आ चुकी हैं, जिससे वैश्विक बाजार को बड़ी राहत मिली है।
इजरायल की ‘घबराहट’ पर जेडी वेंस की तीखी टिप्पणी
इस बयान का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा इजरायल को लेकर था। इजरायली नेतृत्व की चिंताओं पर तंज कसते हुए वेंस ने कहा:
“मैंने इजरायली व्यवस्था में एक अजीब तरह की घबराहट (Panic) महसूस की है। वे पहले से ही यह मानकर बैठे हैं कि ईरान को बिना अपना व्यवहार बदले ही सब कुछ अच्छा-अच्छा मिल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं होने वाला।”
अगले 60 दिन क्यों हैं बेहद अहम?
| मुख्य बिंदु | मौजूदा स्थिति और आगे का प्लान |
| आधिकारिक डेडलाइन | अगले 60 दिनों में अंतिम और फाइनल समझौते पर मुहर लगनी है। |
| ईरान का रुख | ईरान फिलहाल समझौते की शर्तों और वादों को पूरा कर रहा है। |
| अमेरिकी एक्शन | अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से अपनी आर्थिक नाकाबंदी हटा रही है। |
| डील की लोकेशन | पहले यह साइन स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होनी थी, लेकिन बाद में इसे बदला गया। |


