60 की उम्र में मिला प्यार, 75 दिनों में शादी; इस मशहूर अभिनेत्री की अनोखी लव स्टोरी

बॉलीवुड में इन दिनों उम्र के इस पड़ाव पर प्यार और शादी की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। इसी बीच मशहूर अभिनेत्री सुहासिनी मुले की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई है। फिल्म लगान में आमिर खान की मां यशोदा माई का किरदार निभाने वाली सुहासिनी मुले ने करीब 15 साल पहले साबित कर दिया था कि प्यार और रिश्तों के लिए उम्र कभी बाधा नहीं होती।
सुहासिनी मुले ने 60 साल की उम्र में वैज्ञानिक अतुल गुर्टू से शादी की थी। उनकी प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई और कुछ ही महीनों में यह रिश्ता शादी तक पहुंच गया।
26 साल की उम्र में शादी से कर दिया था इनकार
सुहासिनी मुले हमेशा अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने के लिए जानी जाती रही हैं। जब वह 26 साल की थीं, तब उनकी मां ने उनसे शादी को लेकर बात की थी, लेकिन सुहासिनी ने साफ कह दिया था कि वह शादी नहीं करना चाहतीं।
उनके इस फैसले को लेकर समाज में कई तरह की बातें हुईं। रिश्तेदारों और जानने वालों ने उनकी मां को भी ताने दिए, लेकिन सुहासिनी अपने फैसले पर कायम रहीं।
उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा अकेले बिताया। वह एक लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में भी रहीं, लेकिन 1990 में यह रिश्ता खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने करीब दो दशक अकेले रहते हुए अपने करियर और पसंद की जिंदगी को प्राथमिकता दी।
फेसबुक ने कराई वैज्ञानिक से मुलाकात
60 साल की उम्र तक सुहासिनी को शादी की कोई जल्दबाजी नहीं थी। एक साथी कलाकार की सलाह पर उन्होंने फेसबुक अकाउंट बनाया। यहीं उनकी मुलाकात प्रोफेसर अतुल गुर्टू से हुई।
अतुल गुर्टू देश के जाने-माने भौतिक वैज्ञानिक हैं और दुनिया के चर्चित वैज्ञानिक प्रोजेक्ट Large Hadron Collider (LHC) से जुड़े रहे हैं।
सुहासिनी को विज्ञान में रुचि थी, इसलिए उन्होंने अतुल से बातचीत शुरू की। उन्होंने फेसबुक पर ही उनसे पूछा कि LHC क्या होता है। यही सवाल दोनों की दोस्ती की शुरुआत बन गया।
धीरे-धीरे बातचीत ईमेल और फिर फोन तक पहुंच गई।
पहले भरोसा किया, फिर बढ़ाया रिश्ता
इंटरनेट पर मिलने वाले लोगों को लेकर सुहासिनी काफी सतर्क थीं। जब अतुल ने उनका फोन नंबर मांगा तो उन्होंने तुरंत देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने पहले अतुल के बारे में जानकारी जुटाई। उनकी संस्था की वेबसाइट पर जाकर उनकी प्रोफाइल और तस्वीरों की पुष्टि की। जब उन्हें भरोसा हुआ कि सामने वाला व्यक्ति वास्तविक है, तब उन्होंने रिश्ते को आगे बढ़ाया।
पहली मुलाकात के दौरान भी सुहासिनी ने काफी सावधानी बरती। वह तय समय से थोड़ी देर से पहुंचीं ताकि दूर से देखकर यह सुनिश्चित कर सकें कि अतुल वही व्यक्ति हैं जो अपनी प्रोफाइल में दिख रहे थे।
शादी से पहले रखी थीं तीन शर्तें
सुहासिनी ने शादी से पहले अपने लिए कुछ स्पष्ट नियम तय किए थे। वह ऐसा साथी चाहती थीं जो:
- उन्हें बराबरी का दर्जा दे।
- उनकी स्वतंत्रता और पसंद का सम्मान करे।
- कट्टर सोच वाला न हो।
उनके अनुसार अतुल गुर्टू इन सभी बातों पर खरे उतरे।
75 दिनों में रिश्ते ने लिया शादी का रूप
दोनों की पहली मुलाकात नवंबर में हुई और करीब 75 दिनों के अंदर दोनों ने 16 जनवरी 2011 को आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली।
जब सुहासिनी ने अपनी मां को फोन कर बताया कि उन्हें कोई पसंद आ गया है तो वह हैरान रह गईं। बाद में जब उनकी मां अतुल से मिलीं तो उन्होंने शादी को लेकर सवाल किया।
अतुल ने जवाब दिया कि सुहासिनी जिंदगी भर अकेले रह सकती हैं और वह भी अकेले रह सकते हैं, लेकिन जिंदगी में खुशी को एक मौका देना चाहते हैं। अगर रिश्ता नहीं चला तो दोनों इसे एक अनुभव मानकर अलग हो जाएंगे।
उनकी यह सोच सुहासिनी की मां को पसंद आई।
कोर्ट में भी हुआ मजेदार किस्सा
जब दोनों अपनी शादी को रजिस्टर कराने कोर्ट पहुंचे तो वहां के कर्मचारी को लगा कि यह बुजुर्ग दंपती अपनी पुरानी शादी का प्रमाण पत्र लेने आया है।
जब सुहासिनी ने बताया कि वे नई शादी रजिस्टर कराने आए हैं तो कर्मचारी हैरान रह गया। उसका सवाल सुनकर दोनों हंस पड़े।
समाज की सोच से अलग अपनी राह बनाई
सुहासिनी मुले का कहना है कि समाज की सोच बदलना आसान नहीं होता। जब उन्होंने कम उम्र में शादी से इनकार किया तब भी लोगों ने सवाल उठाए और जब उन्होंने 60 साल की उम्र में शादी की तब भी चर्चा हुई।
आज सुहासिनी मुले 75 साल की हैं और अतुल गुर्टू के साथ उनकी शादी को 15 साल से ज्यादा समय हो चुका है।
उनकी कहानी यह संदेश देती है कि जिंदगी में नई शुरुआत करने के लिए कोई तय उम्र नहीं होती। सही साथी, आपसी सम्मान और समझदारी किसी भी उम्र में रिश्ते को खूबसूरत बना सकती है।



