रुद्रप्रयाग में भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा मार्ग बाधित, 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु…

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग–गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में अचानक हुए भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग बाधित हो गया। इस घटना से हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

यह हादसा देर रात हुआ, जब क्षेत्र में लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिर रहे थे। अंधेरे, संकरी सड़क और भारी भीड़ ने हालात को और गंभीर बना दिया।

घटना की सूचना रात 9 बजकर 16 मिनट पर जिला नियंत्रण कक्ष (DCR) रुद्रप्रयाग द्वारा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को दी गई। सूचना मिलते ही SDRF की सोनप्रयाग टीम उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में राहत और बचाव उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।

इसके बाद SDRF और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की संयुक्त टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में पहले से तैनात टीमें भी सक्रिय हो गईं, जिससे बचाव कार्य तेजी से आगे बढ़ सका।

संयुक्त बचाव टीमों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में फंसे करीब 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार बारिश, फिसलन भरे रास्ते और गिरते पत्थरों के बीच जवानों ने पूरी सतर्कता के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

बचाव कार्य के दौरान जवानों ने न केवल लोगों को सुरक्षित निकाला, बल्कि उनका मनोबल भी बनाए रखा ताकि किसी तरह की भगदड़ या अफरा-तफरी न हो।

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग पर जमा मलबा हटाने का काम शुरू किया। कुछ ही समय में सड़क को साफ कर यातायात को फिर से बहाल कर दिया गया।

यह रेस्क्यू ऑपरेशन एक बार फिर साबित करता है कि आपदा की स्थिति में SDRF और NDRF की टीमें कितनी तेजी और समन्वय के साथ काम करती हैं। समय पर की गई कार्रवाई और बेहतर योजना के चलते हजारों जानें सुरक्षित बचाई जा सकीं।

यह घटना केदारनाथ जैसे दुर्गम यात्रा मार्गों पर मजबूत आपदा प्रबंधन और सतर्कता की आवश्यकता को भी उजागर करती है।

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