ईरान-अमेरिका सीजफायर: पाकिस्तान नहीं, जानें कौन है असली खिलाड़ी? ट्रंप ने दिया हिंट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के लिए युद्धविराम (सीजफायर) का ऐलान कर दिया है। उन्होंने इसका क्रेडिट मुख्य रूप से पाकिस्तान को दिया, लेकिन बातचीत में बीजिंग की भूमिका को लेकर संकेत भी दिए।
ट्रंप ने क्या कहा?
- ईरान पर दो सप्ताह के लिए बमबारी और सैन्य हमले रोकने पर सहमति
- ईरान का 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव व्यावहारिक बताया
- ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर आधारित बातचीत स्वीकार कर ली
जब उनसे पूछा गया कि चीन ने सीजफायर में कोई भूमिका निभाई, तो ट्रंप ने कहा, “मैंने ऐसा सुना है।”
चीन का हस्तक्षेप
- मार्च के अंत में पाकिस्तान ने ईरान-अमेरिका बातचीत की पहल की, उस समय चीन ने क्षेत्र में शांति का समर्थन किया
- 31 मार्च को सऊदी अरब, तुर्किए, मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई
- इसके बाद पाकिस्तान-चीन ने संयुक्त रूप से पांच सूत्रीय पहल की घोषणा की, जिसमें तुरंत सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील शामिल थी
- न्यूयॉर्क टाइम्स और AP के मुताबिक चीन ने अंतिम समय में ईरान पर शांति के लिए दबाव डाला और ईरानी अधिकारियों के संपर्क में रहा
सीजफायर के बाद चीन की चुप्पी
- चीनी विदेश मंत्रालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया
- पहले वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने शांति के प्रयासों की पुष्टि की थी
- प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि सभी पक्ष ईमानदारी दिखाएं और युद्ध को जल्द समाप्त करें
- ध्यान दें कि सीजफायर से एक दिन पहले चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र में होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव वीटो किया था
ट्रंप की बीजिंग यात्रा
- मई में डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग से मिलने बीजिंग जाएंगे
- यात्रा 14-15 मई निर्धारित, मार्च में स्थगित हुई थी
- ट्रंप ने कहा कि यह बैठक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है, और साल के अंत में शी की वाशिंगटन डीसी में मेजबानी करेंगे
सीजफायर के मुख्य बिंदु
- अमेरिका ने ईरान में सेना नहीं भेजने का फैसला किया
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर सहमति दी
- ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में चर्चा के लिए तैयार
- ईरान ने अपने बयान में कहा कि जंग में उसकी जीत हुई है और किसी भी हमले पर वह जवाब देगा



