अचानक क्यों पीएम मोदी के पास आया नेतन्याहू का फोन

जुबिली न्यूज डेस्क 

नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार, 7 जनवरी 2026 को फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी, काउंटर टेररिज्म, और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट के जरिए दी।

नए साल की शुभकामनाओं के साथ मजबूत रिश्तों पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री और वहां की जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “अपने मित्र प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात कर खुशी हुई। हमने आने वाले वर्ष में भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।”

आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख पर बनी सहमति

दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने के अपने संकल्प को दोहराया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल आतंकवाद के हर रूप और अभिव्यक्ति के खिलाफ शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर कायम हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए यह सहयोग बेहद अहम बताया गया।

भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी पर संतोष

इससे पहले भी 10 दिसंबर 2025 को दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी में हो रही निरंतर प्रगति पर संतोष जताया गया था। दोनों नेताओं ने आपसी हितों के लिए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

पश्चिम एशिया और गाजा शांति योजना पर चर्चा

बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में निष्पक्ष और स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की, जिसमें गाजा शांति योजना के शीघ्र कार्यान्वयन का समर्थन भी शामिल है। दोनों नेताओं ने भविष्य में लगातार संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई।

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तीसरी बार टला नेतन्याहू का भारत दौरा

गौरतलब है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का दिसंबर 2025 में प्रस्तावित भारत दौरा रद्द कर दिया गया था। यह तीसरी बार था जब उनका भारत दौरा टला। इस फैसले को लेकर काफी चर्चाएं हुई थीं, खासकर नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के पास हुए धमाके के बाद सुरक्षा कारणों से इस यात्रा को जोड़ा जा रहा था।

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