VIDEO: यूक्रेन के ड्रोन अटैक से मॉस्को में धमाके और आग, देखें पूरी तस्वीर

दिल कहे जाने वाले मॉस्को पर इतिहास का सबसे प्रचंड और विनाशकारी ड्रोन हमला किया है। गुरुवार (18 जून, 2026) को हुए इस हमले के बाद मॉस्को की कई गगनचुंबी इमारतों से आग और काले धुएं की गगनचुंबी लपटें उठ रही हैं।
हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि मॉस्को के चारों प्रमुख एयरपोर्ट्स को बंद कर दिया गया है और पूरे शहर में कमर्शियल फ्लाइट्स पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
आसमान से बरसी ‘ड्रोन की बारिश’: मॉस्को की लाइफलाइन गजप्रोम रिफाइनरी तबाह
रूस के रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि यूक्रेन ने एक साथ 555 ड्रोन्स से रूस के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाया। रूसी एयर डिफेंस ने लगभग 200 ड्रोन्स को राजधानी के पास मार गिराने का दावा जरूर किया है, लेकिन सैकड़ों ड्रोन सुरक्षा घेरे को भेदकर शहर में तबाही मचाने में कामयाब रहे।
- तेल रिफाइनरी में ब्लास्ट: शहर के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित मॉस्को की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी ‘गजप्रोम नेफ्त’ (Gazprom Neft) इस हमले में पूरी तरह सुलग उठी है। 16 जून के बाद एक हफ्ते में यह दूसरा बड़ा हमला है। रिफाइनरी के क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट, स्टोरेज टैंक्स और डीजल हाइड्रोट्रिटिंग यूनिट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे पूरे मॉस्को क्षेत्र में ईंधन का संकट खड़ा हो सकता है।
- शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और घरों पर गिरी गाज: ड्रोन्स के मलबे और सीधे हमलों से सैडोवोड और बेलाया दाचा जैसे बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कई रिहायशी इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं। धमाकों की गूंज से पूरी राजधानी में दहशत है और घने काले धुएं के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया है।
- 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स ठप: शेरेमेतयो, डोमोदेदोवो, व्नुकोवो सहित मॉस्को के चारों बड़े एयरपोर्ट्स को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है, जिससे सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
जेलेंस्की, ट्रंप और मैक्रों की ‘सीक्रेट कॉल’ के बाद हुआ यह महा-ब्लास्ट?
इस अप्रत्याशित और भीषण हमले का टाइमिंग सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। यह हमला यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के उस बयान के महज कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक “अहम कोऑर्डिनेशन कॉल” होने का दावा किया था। जेलेंस्की ने कहा था कि फ्रांस में हुई G7 समिट के बाद दुनिया के बड़े देशों से यूक्रेन को एक ऐसा गुप्त और बड़ा आश्वासन मिला है, जो इस जंग में “बड़ा बदलाव” लेकर आएगा।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा बयान: वर्साय पैलेस से निकलते हुए मैक्रों ने मीडिया से साफ कहा, “ये कुछ दिन यूक्रेन के लिए बहुत अहम थे क्योंकि G7 फिर से एकजुट हो चुका है। हम यूक्रेन की रक्षा करने और जवाबी हमला (Counter-Offensive) करने की क्षमता को लगातार बढ़ा रहे हैं।”
पुतिन मॉस्को से 700 KM दूर, आसियान देशों के साथ बैठक में व्यस्त
जब मॉस्को पर यूक्रेन के ड्रोन्स कहर बरपा रहे थे, उस वक्त रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राजधानी में मौजूद नहीं थे। पुतिन मॉस्को से 700 किलोमीटर दूर ‘कज़ान’ शहर में हैं। वहां वे रूस के नए आर्थिक और रणनीतिक साझेदार यानी ‘एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशन्स’ (ASEAN) के राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी कर रहे हैं।
क्रेमलिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के मुताबिक, पुतिन इस समय ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम जैसे 11 देशों के साथ “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” बढ़ाने के लिए दो दिन के सम्मेलन में व्यस्त हैं। लेकिन मॉस्को से आ रही तस्वीरों ने पुतिन की इस बड़ी कूटनीतिक बैठक के बीच क्रेमलिन की चिंताएं चरम पर पहुंचा दी हैं।

