महापंचायत में किसानों का उमड़ा जनसैलाब

जुबिली न्यूज डेस्क

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसानों का प्रदर्शन अब भी जारी है। दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में किसान आंदोलन को धार देने में लगे किसान संगठन रविवार को यूपी के मुजफ्फनगर में महापंचायत करने जा रहे हैं।

मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज में होने वाली इस महापंचायत में शनिवार की शाम से ही किसानों का आना शुरु हो गया था। महापंचायत स्थल पर लाखों किसान आ चुके हैं और अब भी किसानों का आना जारी है।

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले लाखों किसान यहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। बताया जा रहा है कि इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल होंगे, जिनमें करीब 60 किसान संगठन होंगे और अन्य कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे।

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किसानों के 40 संगठन अग्रणी भूमिका में रहेंगे, जबकि 20 संगठन पूरा सहयोग करेंगे। किसान महापंचायत को लेकर पुलिस, प्रशासन अलर्ट है।

वहीं भाकियू ने शनिवार से ही एनएच-58 के सिवाया टोल को फ्री करा दिया। रविवार को भी मेरठ से मुजफ्फरनगर के बीच टोल फ्री रहेगा।

महापंचायत में पहुंची महिला किसान, पीएम से किया ये अनुरोध

किसानों की महापंचायत में महिलाएं भी जोर-शोर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पहुंची है। एक महिला किसान ने कहा, ‘हम तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर यहां इकट्ठा हुए हैं। हम पीएम से तीन कानूनों को वापस लेने का अनुरोध करते हैं।’ वहीं महापंचायत में राकेश टिकैत के आने का इंतजार हो रहा है।

जयंत को फूल बरसाने की नहीं मिली इजाजत

राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद जयंत चौधरी महापंचायत में हेलीकॉप्टर से किसानों पर फूल बरसाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी है।

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जयंत चौधरी के निजी सहायक समर पल सिंह ने कहा, “हमने पूरी तैयारी कर ली थी। लेकिन पुलिस और प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि महापंचायत में लाखों लोगों के आने की संभावना है। ऐसे में भगदड़ मचने का खतरा है।”

वहीं कार्यालय नगर मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए पत्र में भी यही बात कही गई है। पत्र में कहा गया है कि “हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा करने पर जनता में भगदड़ मच सकती है, जिससे शांति व्यवस्था भी भंग हो सकती है और कोई भी हादसा या अप्रिय घटना हो सकती है। इसको दृष्टिगत रखते हुए पुष्प वर्षा करने की अनुमति प्रदान करने की संस्तुति नहीं की जाती है।”

महापंचायत को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शनिवार को दावा किया कि 15 राज्यों के हजारों किसानों ने रविवार को होने वाली किसान महापंचायत में हिस्सा लेने के लिये उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पहुंचना शुरू कर दिया है।

केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे एसकेएम ने कहा कि महापंचायत से साबित हो जाएगा कि आंदोलन को सभी जातियों, धर्मों, राज्यों, वर्गों, छोटे व्यापारियों और समाज के सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त है।

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संयुक्त किसान मोर्चा ने महापंचायत के लिए पूरी योजना बनाई है। महापंचायत के लिए पूरा एजेंडा भी तैयार किया गया है, जो कई दौर की बैठक में तय किया गया है। इस एजेंडे को राष्ट्रीय के साथ ही राज्य और स्थानीय मुद्दों में बांटा गया है।

राष्ट्रीय मुद्दों में कृषि कानून, एमएसपी व किसान उत्पीडऩ जबकि राज्य स्तरीय मुद्दों में मिशन यूपी के तहत गांवों तक पहुंचना और बकाया गन्ना भुगतान, गन्ने का भाव, बिजली के रेट शामिल होंगे। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा इस महापंचायत से सरकार को अपनी ताकत दिखाकर बातचीत का रास्ता भी खोलना चाहता है।

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