Thursday - 21 October 2021 - 12:53 AM

वैक्सीनेशन के दौर में बूस्टर डोज़ को लेकर दुनिया में हलचल बढ़ी

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण ने दुनिया के करीब 22 करोड़ लोगों को संक्रमित किया और करीब 46 लाख लोगों की जान चली गई. कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर के मुकाबले ज्यादा खतरनाक थी. अब जब दूसरी लहर अपने अंतिम चरण में है तब तीसरी लहर की दस्तक सुनाई देने लगी है.

तीसरी लहर से अपने-अपने नागरिकों को बचाने के लिए दुनिया के तमाम देश वैक्सीनेशन पर काफी जोर दे रहे हैं. भारत में भी बड़े जोर-शोर से वैक्सीनेशन का काम चल रहा है. भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में करोड़ों लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवा ली हैं. दुनिया के कई देशों में दो डोज़ के बाद अब तीसरे डोज़ की बात भी की जा रही है. यह तीसरा डोज़ बूस्टर डोज़ कहा जा रहा है. कई देशों ने बूस्टर डोज़ लगवाने का काम भी शुरू कर दिया है.

अमेरिका में स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह मानकर चल रहे हैं कि समय के साथ वैक्सीन का असर कम होता जायेगा. इजराइल में वैक्सीन लगवाने के बावजूद जो हालात बिगड़े हैं उसे देखते हुए विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि समय रहते अमेरिका इस दिशा में कोई कदम उठाये. अमेरिका के चिकित्सीय सलाहकार ने सरकार से कहा है कि कोरोना वायरस से डरकर भागने के बजाय हमें दौड़कर उससे आगे निकलना होगा.

यह चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि दुनिया के तेरह ऐसे देश हैं जहाँ एक फीसदी लोगों को भी वैक्सीन नहीं लग पाई है. 41 देश ऐसे हैं जहाँ के दस फीसदी से कम लोगों को वैक्सीन लगी है, तो कुछ ऐसे भी देश हैं जो अब बूस्टर डोज़ देने की तैयारी में हैं.

फ्रांस ने 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को बूस्टर डोज़ देना शुरू कर दिया है. इसके अलावा कम उम्र के भी जो लोग स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं उन्हें बूस्टर डोज़ दिया जा रहा है. इसी तरह से साइप्रस में 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ ही कमज़ोर इम्यून सिस्टम वालों को बूस्टर डोज़ दिया जा रहा है.

यह भी पढ़ें : सीएम योगी ग्राउंड जीरो से लेंगे बाढ़ पीड़ितों की सुधि

यह भी पढ़ें : साढ़े 82 करोड़ रुपये से डस्टफ्री हो जायेगी पिंक सिटी

यह भी पढ़ें : वंचित तबके के लिए ख़ास होगी पंडित दीनदयाल की जयन्ती

यह भी पढ़ें : डंके की चोट पर : क़ानून के राज की कल्पना तो बेमानी है

अमेरिका में वैक्सीन की दोनों डोज़ लेने वालों को आठ महीने बाद और यूएई में छह महीने के बाद बूस्टर डोज़ देने की बात कही गई है. यूएई ही वह देश है जिसने सबसे पहले बूस्टर डोज़ देने की बात कही थी. हंगरी अपने नागरिकों को वैक्सीन की दोनों डोज़ लेने वालों को चार महीने बाद बूस्टर डोज़ की सिफारिश कर रहा है. स्वीटज़रलैंड साल 2022 में तीसरा डोज़ देगा जबकि इंडोनेशिया ने तीसरा डोज़ देना शुरू भी कर दिया है. इंडोनेशिया में फिलहाल स्वास्थ्यकर्मियों को तीसरा डोज़ दिया जा रहा है. बाद में नागरिकों को भी तीसरा डोज़ दिया जायेगा.

English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com