महाराष्ट्र : सिर्फ एक जिले में मई में 9 हजार बच्चे हुए कोरोना संक्रमित

जुबिली न्यूज डेस्क

हर दिन आ रहे कोरोना संक्रमण के नये मामलों को देखकर तो यही लग रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ रही है। पिछले 20 दिनों से लगातार कोरोना के मामलों में कमी देखी जा रही है।

संक्रमण के मामले भले ही कम हो रहे हैं लेकिन कोरोना से मरने वालों के आंकड़े आज भी डरावने हैं। कोरोना से मिल रही राहत के बीच एक नया आंकड़े ने जानकारों की चिंता बढ़ा दिया है।

दरअसल महाराष्ट्र के अहमदनगर में 18 साल से कम आयुवर्ग के बच्चों पर भी कोरोना की दूसरी लहर कहर बनकर टूटी है।

आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ मई महीने में ही यहां इस आयुवर्ग के 9 हजार से अधिक बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इतना ही नहीं, अप्रैल महीने में भी यहां इस उम्र के 7 हजार 760 बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए थे।

इस मामले में सिविल सर्जन सुनील पोखरना ने कहा, ‘बच्चों में संक्रमण दर इसलिए बढ़ी क्योंकि कुल संक्रमण दर ही बढ़ गई थी। अप्रैल में भी 7 हजार 760 बच्चे संक्रमित पाए गए थे। हालांकि, अभी तक कोई गंभीर मामला दर्ज नहीं किया गया है।’

यह भी पढ़ें : संबित्र पात्रा को किसने कहा कि ‘तुम दो कौड़ी के नाली के कीड़े हो’

यह भी पढ़ें : चीन के लैब से कोरोना वायरस लीक होने को लेकर ब्रिटेन ने क्या कहा?

हालांकि, उद्धव ठाकरे सरकार ने अभी से इस स्थिति को लेकर सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है और जिला प्रशासन को स्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाने का आदेश भी दे दिया है।

इसके अलावा राज्य सरकार ने अहमदनगर प्रशासन से कहा है कि वह निजी अस्पतालों में बच्चों के लिए स्पेशल वॉर्ड बनाए और वहां जरूरी दवाओं की आपूर्ति भी सुनिश्चित करे।

दरअसल ऐसी आशंकाएं भी जताई जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होगा। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने पिछले हफ्ते ही पब्लिख हेल्थ डिपार्टमेंट को आदेश दिया था कि वह जरूरी तैयारियों के लिए एक टास्कफोर्स तैयार करे। इस टास्कफोर्स में जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञों सहित कुल 13 एक्सपर्ट्स होंगे।

यह भी पढ़ें : लक्षद्वीप का सियासी तापमान बढ़ने की क्या वजह है?

यह भी पढ़ें : कोरोना की दूसरी लहर में एक करोड़ से ज्यादा लोग फंसे बेरोजगारी की दलदल में

Related Articles

Back to top button