IPS अधिकारियों के इस्तीफे क्यों बढ़ रहे हैं? जानिए 14 महीनों में 7 अफसरों के नौकरी छोड़ने की वजह

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) इन दिनों लगातार हो रहे इस्तीफों की वजह से चर्चा में है। ताजा मामला ओडिशा कैडर के 37 वर्षीय आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा का है, जिन्होंने भुवनेश्वर के डीसीपी पद से चुपचाप इस्तीफा भेज दिया है।

जगमोहन पिछले 14 महीनों में इस्तीफा देने वाले सातवें IPS अधिकारी हैं। ऐसे समय में यह घटनाक्रम सामने आया है, जब देशभर में IPS अधिकारियों के 500 से अधिक पद खाली पड़े हैं।

फरवरी 2026 में लोकसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री (पीएमओ) डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया था कि भारतीय पुलिस सेवा में 505 पद रिक्त हैं।

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक IPS अधिकारियों की कमी के कारण सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में भी 50 प्रतिशत से अधिक पद खाली हैं, जिससे कई महत्वपूर्ण जांच और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित हो रही हैं।

पिछले 14 महीनों में नौकरी छोड़ने वाले सात अधिकारियों में से छह की उम्र 40 वर्ष से कम है। इनमें शामिल हैं—

  • जगमोहन मीणा – 37 वर्ष
  • काम्या मिश्रा – 32 वर्ष
  • सिद्धार्थ कौशल – 35 वर्ष
  • लोकेश्वर सिंह – 38 वर्ष
  • रचिता जुयाल – 35 वर्ष
  • अभिषेक तिवारी – 33 वर्ष

इनके अलावा नुरुल होदा ही ऐसे अधिकारी हैं जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है।

इन इस्तीफों के पीछे अलग-अलग कारण सामने आए हैं।

1. राजनीति में आने की तैयारी
बिहार कैडर के नुरुल होदा ने वक्फ बोर्ड से जुड़े मुद्दे पर इस्तीफा देकर राजनीति का रुख किया। वहीं काम्या मिश्रा के भी सक्रिय राजनीति में आने की चर्चा है।

2. निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर
मध्य प्रदेश कैडर के अभिषेक तिवारी साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सेवा छोड़ चुके हैं। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने साइबर अपराधों पर व्यापक काम किया था।

3. कॉरपोरेट और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का आकर्षण
आंध्र प्रदेश कैडर के सिद्धार्थ कौशल इस्तीफा देकर रिलायंस समूह से जुड़ गए, जबकि उत्तराखंड कैडर के लोकेश्वर सिंह संयुक्त राष्ट्र (UN) में नई भूमिका निभा रहे हैं।

ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने लगातार हो रहे युवा IPS अधिकारियों के इस्तीफों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि आखिर अधिकारी इतनी कम उम्र में सेवा क्यों छोड़ रहे हैं।

ऑल इंडिया सर्विसेज (AIS) नियम, 1958 के तहत IPS अधिकारी इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि उनका इस्तीफा केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होता है। मंजूरी मिलने तक अधिकारी को अपने पद पर बने रहना पड़ता है।

सेवा नियमों के अनुसार इस्तीफा देने वाले अधिकारियों को सामान्य सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले लाभ नहीं मिलते। हालांकि विशेष परिस्थितियों में राज्य सरकार दया के आधार पर कुछ आर्थिक सहायता दे सकती है।

नियमों के मुताबिक, यदि कोई अधिकारी इस्तीफा देने के 90 दिनों के भीतर आवेदन करता है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी सेवा में वापसी पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए अधिकारी के पूर्व सेवा रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा की जाती है।

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