देखें-वीडियो में कैसे-अभिषेक बनर्जी के बाद कल्याण बनर्जी पर हुआ हमला

जुबिली स्पेशल डेस्क
हुगली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं पर हमलों की कड़ी में अब पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी भी निशाने पर आ गए हैं। हुगली में प्रदर्शन के दौरान उनके साथ हुई झड़प ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, कल्याण बनर्जी अपने समर्थकों की रिहाई की मांग को लेकर चंडीतला थाने में ज्ञापन देने जा रहे थे। इसी दौरान विरोध कर रहे लोगों ने उन्हें घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए और “चोर-चोर” के नारे लगाए, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
विरोध से हिंसा तक कैसे पहुंचा मामला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति उस समय बिगड़ गई जब भीड़ के बीच से अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। आरोप है कि एक पत्थर सीधे कल्याण बनर्जी के सिर पर लगा, जिससे वे असंतुलित होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टीएमसी का आरोप, राजनीतिक साजिश का दावा
घटना के बाद टीएमसी ने इस हमले के पीछे विपक्षी दलों, खासकर भाजपा कार्यकर्ताओं का हाथ होने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह सुनियोजित तरीके से नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश है।
लगातार दूसरी बड़ी घटना से बढ़ी चिंता
इससे पहले दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी हमला हुआ था, जहां उन पर पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकी गई थीं। उस मामले में पुलिस अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक सहिष्णुता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या बढ़ रहा है राजनीतिक टकराव?
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के बाद भी बंगाल में राजनीतिक तनाव कम नहीं हुआ है, बल्कि अब यह सार्वजनिक टकराव और हिंसक घटनाओं के रूप में सामने आ रहा है। आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिससे प्रशासन और राजनीतिक दलों दोनों के लिए चुनौती बढ़ेगी।
बंगाल में नेताओं पर लगातार हो रहे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अब टकराव की सीमा पार कर रही है। ऐसे में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है।



