अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए सख्त हुए वीजा नियम, ट्रंप प्रशासन ने खत्म की दशकों पुरानी व्यवस्था

वॉशिंगटन: अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों के वीजा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए दशकों पुरानी ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ (Duration of Status) व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला किया है। नए नियम लागू होने के बाद छात्र और एक्सचेंज विजिटर अब अनिश्चितकाल तक अमेरिका में नहीं रह सकेंगे।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा जारी अंतिम नियम (Final Rule) के अनुसार, अब F (स्टूडेंट), J (एक्सचेंज विजिटर) और I (विदेशी मीडिया प्रतिनिधि) श्रेणी के गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को उनके शैक्षणिक कार्यक्रम की अवधि तक, लेकिन अधिकतम चार वर्ष के लिए ही अमेरिका में रहने की अनुमति मिलेगी।
अतिरिक्त समय चाहिए तो करना होगा आवेदन
नए नियम के तहत यदि किसी छात्र को पढ़ाई पूरी करने के लिए तय अवधि से अधिक समय की आवश्यकता होगी, तो उसे सीधे यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) से Extension of Stay (EOS) के लिए आवेदन करना होगा।
इस प्रक्रिया के दौरान बायोमेट्रिक जांच, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और फ्रॉड स्क्रीनिंग जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
ग्रेस पीरियड भी किया गया कम
ट्रंप प्रशासन ने पढ़ाई पूरी होने के बाद मिलने वाले ग्रेस पीरियड में भी कटौती की है। पहले छात्रों को अमेरिका छोड़ने, नया संस्थान चुनने या वीजा श्रेणी बदलने के लिए 60 दिन का समय मिलता था। अब इसे घटाकर 30 दिन कर दिया गया है।
इसके अलावा, शैक्षणिक संस्थान या कार्यक्रम बदलने के नियम भी पहले की तुलना में अधिक सख्त बनाए गए हैं।
DHS ने बताया बदलाव का उद्देश्य
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य वीजा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, कथित वीजा दुरुपयोग पर रोक लगाना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
DHS के सचिव मार्कवेन मुलिन ने कहा कि करीब पांच दशक पुरानी व्यवस्था का कुछ लोग दुरुपयोग कर रहे थे। उनके अनुसार कई विदेशी छात्र लगातार नए-नए कोर्स में दाखिला लेकर वर्षों तक अमेरिका में बने रहते थे।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से सरकार की निगरानी बेहतर होगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि छात्र अपने मूल उद्देश्य यानी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका छोड़ दें।
मौजूदा छात्रों पर भी लागू होंगे नए नियम
DHS के अनुसार यह नियम फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिन बाद लागू होगा।
सबसे अहम बात यह है कि वर्तमान में Duration of Status व्यवस्था के तहत अमेरिका में रह रहे विदेशी छात्र भी स्वतः नए नियमों के दायरे में आ जाएंगे। नियम लागू होने के बाद उनके प्रवास की अधिकतम अवधि भी चार वर्ष मानी जाएगी।
भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है असर
अमेरिका दुनिया भर के छात्रों, खासकर भारतीय विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में वीजा नियमों में यह बदलाव उन छात्रों को प्रभावित कर सकता है, जिन्हें पढ़ाई, रिसर्च या अन्य शैक्षणिक कारणों से चार वर्ष से अधिक समय तक अमेरिका में रहने की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे मामलों में अब उन्हें समय रहते Extension of Stay के लिए आवेदन करना होगा।



