सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठा ले गई पुलिस, सफदरजंग में भर्ती; भड़के राहुल गांधी बोले- ‘मोदी सरकार का सिद्धांत असत्य और हिंसा’

जुबिली स्पेशल डेस्क
दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख की मांगों को लेकर अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर सियासी पारा गरमा गया है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इस कार्रवाई के बाद विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर हो गया है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसा है।
1. 21वें दिन पुलिस ने क्यों उठाया? दिल्ली पुलिस ने दी सफाई
18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बलों के साथ पहुंचकर सोनम वांगचुक को वहां से हटा दिया।
- खराब तबीयत का हवाला: दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि यह कदम पूरी तरह से मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत उठाया गया है।
- शारीरिक स्थिति नाजुक: लगातार 21 दिनों से भूख हड़ताल और शरीर में पानी की भारी कमी (Dehydration) के चलते वांगचुक की हालत बेहद कमजोर हो गई थी, जिसके कारण उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत थी।
2. ‘मोदी सरकार का सिद्धांत असत्य और हिंसा’- राहुल गांधी का बड़ा हमला
सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई इस पुलिसिया कार्रवाई पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।
राहुल गांधी ने लिखा: “मोदी सरकार का मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा है। सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से तब हटाना पूरी तरह गलत है, जब वह एक अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे थे।”
राहुल गांधी ने लद्दाख के मुद्दे के साथ-साथ देश के युवाओं की समस्याओं को जोड़ते हुए आगे कहा, “पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों के सुसाइड भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं। कोई भी ताकत भारत के छात्रों को और हममें से उन लोगों को जो उनसे प्यार करते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।”
3. छावनी में बदला सफदरजंग अस्पताल, सुरक्षा सख्त
सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में एडमिट कराए जाने के तुरंत बाद अस्पताल परिसर और उसके आस-पास के इलाकों को सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील घोषित कर दिया गया है।
- बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल: अस्पताल के बाहर दिल्ली पुलिस के साथ-साथ भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की तैनाती की गई है।
- सख्त चेकिंग: किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन या समर्थकों की भीड़ को रोकने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है और आने-जाने वालों की कड़ी निगरानी की जा रही है।



