अमेरिका-ईरान के बीच ‘दोहा टॉक’ खत्म: होर्मुज टोल टैक्स विवाद सुलझा नहीं, तो रद्द हो सकती है पूरी डील!
US-Iran Doha Talks on Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में बातचीत का एक बेहद अहम दौर संपन्न हुआ। इस गुप्त बैठक का मुख्य फोकस होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर उपजा नया विवाद था। ‘एक्सियोस’ (Axios) की एक रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि इस बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने स्थायी शांति की दिशा में हुई प्रगति पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि ईरान की ‘टोल टैक्स’ वसूलने की जिद पर बातचीत अटक गई है।
इस बैठक में पिछले महीने दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित सहमति पत्र (MoU) की शर्तों और उसके भविष्य को लेकर भी गहन मंथन किया गया।
दोहा वार्ता के 3 मुख्य एजेंडे: होर्मुज, फ्रीज फंड और लेबनान सीजफायर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोहा में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच तीन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई…
- होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा और प्रबंधन
- विदेशों में फ्रीज (जब्त) की गई ईरान की संपत्ति को रिलीज करना
- लेबनान में जारी युद्ध को रोकने के लिए युद्धविराम (Ceasefire)
“गैंगस्टर की तरह टोल मत मांगो”-अमेरिका की ईरान को दो टूक
बैठक में अमेरिकी दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी पक्ष को साफ चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलने की उनकी मांग पूरी ‘अमेरिका-ईरान शांति डील’ को पटरी से उतार सकती है।
एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है
“हमने ईरान को बड़ा सोचने का संदेश दिया है। अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाने के बाद तेल और अन्य संसाधनों को खुलकर बेचने से ईरान को जो वैध कमाई होगी, वह टोल वसूलने के लिए ‘गैंगस्टर’ जैसे तरीके अपनाने की तुलना में 100 गुना ज्यादा फायदेमंद होगी।”
क्यों अचानक सुलग उठा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ का मुद्दा?
| मुख्य कारण | विवरण |
| नया शिपिंग रूट | ओमान के तट के पास होर्मुज में एक नया शिपिंग रूट शुरू करने से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसके चलते हाल ही में गोलीबारी भी हुई थी. |
| कमर्शियल जहाजों पर हमले | नया रूट शुरू होने के बाद पिछले हफ्ते ईरान द्वारा कई कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें आईं. |
| ईरान-ओमान का दावा | पिछले कुछ महीनों में तेहरान ने ओमान के साथ मिलकर इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर अपना एकाधिकार जमाने की कोशिशें तेज कर दी हैं. |
18 अगस्त की डेडलाइन: MoU की 60 दिनों की अवधि और मतभेद
ईरान का रुख है कि पिछले महीने साइन हुए MoU की 60 दिन की अवधि खत्म होने के बाद वह ओमान के साथ मिलकर इस स्ट्रेट का प्रबंधन संभालेगा और वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से ‘फीस’ (टोल) वसूलेगा।
- आखिरी तारीख (Deadline): अमेरिका और ईरान के बीच इस विवाद को सुलझाकर अंतिम समझौते तक पहुंचने की समय-सीमा 18 अगस्त तय की गई है।
- गल्फ देशों की मंजूरी पर विवाद: अमेरिका का स्टैंड है कि होर्मुज जलमार्ग में किसी भी नई व्यवस्था या बदलाव के लिए खाड़ी देशों (Gulf Countries) की मंजूरी अनिवार्य है।इसके विपरीत, तेहरान का दावा है कि चूंकि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए खाड़ी देश केवल सलाह दे सकते हैं, अंतिम फैसला सिर्फ ईरान का होगा।
यदि 18 अगस्त तक दोनों देश किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचते, तो पश्चिम एशिया (West Asia) में एक बार फिर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।


