संसद में एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान हंगामा: शिक्षा मंत्री पर प्रियंका गांधी के बयान से गरमाई राजनीति

लोकसभा में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के एक बयान को लेकर संसद में भारी हंगामा देखने को मिला। प्रियंका गांधी ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर महिलाओं से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे को लेकर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसके बाद विवादित बयान को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया है।
संसद में क्या हुआ? विवाद की मुख्य वजह
सदन में पेपर लीक रोधी विधेयक पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा:
“प्रधानमंत्री ने एक ऐसे व्यक्ति को देश का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है, जिन्होंने गर्भवती महिला से बलात्कार के दोषियों की रिहाई पर सहमति जताई थी। प्रधानमंत्री इस निर्णय से देश को क्या संदेश देना चाहते हैं?”
प्रियंका गांधी के इस बयान के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया और कानूनी कदम
- सदन की कार्यवाही से हटाया गया बयान (Expunged): संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे ‘चरित्र हनन’ (Character Assassination) करार दिया। उन्होंने पीठासीन अधिकारी से इस टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की, जिसके बाद इसे कार्यवाही से हटा दिया गया।
- प्रह्लाद जोशी का खंडन और माफी की मांग: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा:“प्रियंका गांधी को अपने आरोपों को सदन में प्रमाणित करना चाहिए। क्या कोई भी व्यक्ति कुछ भी बोलकर बच सकता है? गलत सूचना फैलाने पर कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।”
- शीर्ष नेताओं और स्पीकर से मुलाकात: मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इसके बाद प्रह्लाद जोशी और किरेन रिजिजू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी संसद भवन में मुलाकात की।
विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं
- राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा): राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्राओं पर पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री चुना है जो यौन उत्पीड़न के आरोपियों के बचाव से जुड़ा रहा है।
- प्रियांक खड़गे (मंत्री, कर्नाटक सरकार): कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने बयान जारी कर कहा कि देश का शिक्षा विभाग अब गंभीर संकट में है। प्रह्लाद जोशी से किसी बड़े शैक्षणिक सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि वे महिलाओं पर अत्याचार करने वालों का बचाव करते रहे हैं।



